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ऑस्ट्रेलिया से भारत लौट रहीं तीन प्राचीन मूर्तियां: संस्कृति मंत्रालय ने दी खुशखबरी

11वीं और 12वीं शताब्दी की इन ऐतिहासिक कलाकृतियों की घर वापसी से भारत-ऑस्ट्रेलियाई सांस्कृतिक संबंध हुए और मजबूत

10 जुलाई, नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते राजनयिक और सांस्कृतिक संबंधों के बीच एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। संस्कृति मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार भारत की तीन अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन मूर्तियों को वापस (repatriate) भारत सौंप रही है। यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

इन तीन प्राचीन मूर्तियों की होगी घर वापसी

संस्कृति मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन प्राचीन कलाकृतियों का संबंध 11वीं और 12वीं शताब्दी से है। ये सभी मूर्तियां मूल रूप से तमिलनाडु के ऐतिहासिक मंदिरों से ली गई थीं। इन मूर्तियों में शामिल हैं:

  • देवी भद्रकाली की कांस्य त्रिशूल (Ceremonial Bronze Trident): यह एक पवित्र और कलात्मक त्रिशूल है जो देवी भद्रकाली से संबंधित है।

  • नंदी की विशाल मूर्ति (Majestic Granite Idol of Nandi): ग्रेनाइट पत्थर से बनी नंदी की यह प्रतिमा अपने आप में एक उत्कृष्ट कलाकृति है।

 

  • कार्तिकेय की मूर्ति (Basalt Sculpture of Six-Headed Karttikeya): बेसाल्ट पत्थर से निर्मित, छह मुख वाले भगवान कार्तिकेय की यह प्रतिमा अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री के दौरे के बीच ऐतिहासिक फैसला

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं। संस्कृति मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में इस पर जोर दिया कि यह पहल न केवल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक तालमेल को और मजबूत करेगी, बल्कि हमारी सभ्यतागत विरासत के प्रति अंतरराष्ट्रीय सम्मान को भी दर्शाती है।

इस महत्वपूर्ण पुनर्मिलन को #CultureUnitesAll हैशटैग के साथ साझा किया जा रहा है, जो दुनिया भर में भारतीय कला और संस्कृति की सुरक्षा और संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है।


(स्रोत: संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल)

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