

हरियाणा के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

बेटियों ने लहराया परचम
प्रदेश की बेटियों ने 11 में से 6 पदक अपने नाम किए, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और पैरा-एथलेटिक्स में शर्मिला ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं नीरज चोपड़ा और नरेंद्र बेरवाल ने रजत तथा सीमा कालीरमन ने कांस्य पदक प्राप्त किया।
खिलाड़ियों के लिए सरकारी प्रोत्साहन और नीतियां
हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी में सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अग्रिम राशि का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद व तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह और भीम अवार्ड विजेताओं का मानदेय ₹5,000 प्रति माह कर दिया गया है।
खेल ढांचा और नई पहल
प्रदेश में प्रतिभाओं को निखारने के लिए 2,000 खेल नर्सरियां और 25 आवासीय खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। खिलाड़ियों के पुनर्वास और चोट के इलाज के लिए पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में ₹10 करोड़ की लागत से उत्तर भारत का पहला **‘ए-स्टार’ वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र** स्थापित किया गया है।






