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कैप्टन स्मित मछार के लिए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार की मांग, FIP ने PMO को लिखा पत्र

कॉकपिट में सह-पायलट के हमले के बावजूद गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने अदम्य साहस दिखाते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई और 182 लोगों की जान बचाई

नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट (FIP) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र भेजकर फ्लाईदुबई के भारतीय कमांडर कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या शीर्ष नागरिक सम्मान देने की सिफारिश की है। संघ ने सरकार से अनुरोध किया है कि सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद तय प्रावधानों के अनुसार उनके साहसिक कार्य को सम्मानित किया जाए।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉल पर की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल के जरिए सीधी बातचीत की। इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की त्वरित सोच, सूझबूझ और अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा:

“आपने सेकंड के बेहद छोटे हिस्से में कई बड़े फैसले लिए और इतने लोगों की जान बचाई। पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले हैं।”

बातचीत में कैप्टन स्मित पीएम मोदी से बात करते हुए भावुक हो गए और उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना सबसे बड़ा आदर्श (Idol) बताया। कैप्टन ने पीएम मोदी को कॉकपिट के भयानक मंजर के बारे में बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने खुद से कहा कि उन्हें उठकर कदम उठाना ही होगा। उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे, जिससे उन्हें हिम्मत मिली। पीएम मोदी ने उनकी माता गीता बेन के संस्कारों की भी प्रशंसा की और कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

कॉकपिट में हमले के बावजूद बचाई 182 जानें

30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर अचानक गंभीर आपात स्थिति पैदा हो गई थी। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित माछर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अंदर आकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे (Tabuk Airport) पर उतारा गया, जिससे 174 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स सहित कुल 182 लोगों की जान बच गई।

वैश्विक स्तर पर हो रही सराहना

इस घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने कैप्टन स्मित मछार के असाधारण नेतृत्व और पेशेवर प्रतिबद्धता की तारीफ की है। वर्तमान में अबू धाबी के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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