कुदरत का करिश्मा: बारिश के मौसम में क्यों अपनी ऊंचाई बढ़ा लेता है माउंट फ़ूजी?
वैज्ञानिकों का दावा—यह खतरनाक नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जानिए क्या होता है ज्वालामुखी के भीतर।

टोक्यो: जापान का प्रतिष्ठित माउंट फ़ूजी अक्सर अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने इसके बारे में एक ऐसा ‘भूवैज्ञानिक रहस्य’ उजागर किया है, जो किसी को भी हैरान कर सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि भारी बारिश के दौरान यह ज्वालामुखी सचमुच अपनी ऊंचाई में वृद्धि करता है।
क्या है यह अजीबोगरीब घटना?
आमतौर पर, किसी सक्रिय ज्वालामुखी के आसपास जमीन का ऊपर उठना (ground deformation) मैग्मा के संचलन और खतरे का संकेत माना जाता है। लेकिन माउंट फ़ूजी के मामले में यह कोई खतरे की चेतावनी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक हाइड्रोलॉजिकल प्रक्रिया है।
हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने छह साल के डेटा का विश्लेषण करने के बाद यह पाया कि भारी बारिश के दिनों में माउंट फ़ूजी की सतह दो सेंटीमीटर तक ऊपर उठ जाती है। बारिश थमने के बाद ज्वालामुखी वापस अपनी मूल ऊंचाई पर आ जाता है।

क्यों ‘बढ़’ जाता है माउंट फ़ूजी?
वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मुख्य कारण माउंट फ़ूजी की अनूठी संरचना है:
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छिद्रपूर्ण चट्टानें (Porous Rocks): माउंट फ़ूजी की परतों के ऊपर ‘क्लिंकर’ (clinkers) नामक छिद्रपूर्ण चट्टानों की एक परत है। क्लिंकर तब बनते हैं जब लावा तेजी से ठंडा होता है।
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प्राकृतिक जलभंडार (Aquifers): ये क्लिंकर परतें प्राकृतिक जलभंडार की तरह काम करती हैं। भारी बारिश के दौरान, ये परतें बड़ी मात्रा में पानी सोख लेती हैं।
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दबाव का प्रभाव: चूँकि पानी को आसानी से दबाया नहीं जा सकता, इसलिए जब ये चट्टानें पानी से भर जाती हैं, तो वे नीचे से ऊपर की ओर दबाव डालती हैं। चूंकि पानी के पास बहने का कोई अन्य रास्ता नहीं होता, इसलिए यह दबाव सतह को ऊपर की ओर उठा देता है।
यह पूरी प्रक्रिया Geology पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन “Heavy rains inflate Mount Fuji, central Japan” में विस्तार से समझाई गई है।
वैज्ञानिकों के लिए मददगार खोज
यह खोज ज्वालामुखी वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित हो रही है। अब वे यह आसानी से समझ सकते हैं कि जमीन का उठना मैग्मा के कारण है या केवल बारिश के पानी की वजह से।
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बारिश के कारण उठाव: यह अल्पकालिक होता है (आमतौर पर एक या दो दिन)।
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मैग्मा के कारण उठाव: यह प्रक्रिया लंबे समय तक बनी रहती है और धीरे-धीरे विकसित होती है, जो वास्तविक खतरे का संकेत हो सकती है।
इस अंतर को समझकर, विशेषज्ञ भविष्य में ज्वालामुखी संबंधी खतरों का अधिक सटीक अनुमान लगा सकेंगे और गलत अलार्म (false alarms) से बच सकेंगे।



