
चंडीगढ़, 21 जून 2026: हरियाणा पुलिस ने तकनीक आधारित आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन में हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

CrPIS: अपराध नियंत्रण में मील का पत्थर
इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण हरियाणा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB) द्वारा विकसित क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (CrPIS) रहा। हरियाणा पुलिस ने इस जटिल तकनीकी प्रणाली को रिकॉर्ड समय में न केवल विकसित किया, बल्कि उसे सफलतापूर्वक धरातल पर लागू भी किया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के निदेशक द्वारा हरियाणा को ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया। हरियाणा पुलिस की ओर से यह सम्मान इंस्पेक्टर करनैल सिंह ने ग्रहण किया।
केंद्रीय गृहमंत्री ने किया शुभारंभ
सम्मेलन के मुख्य अतिथि, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने इस आधुनिक डिजिटल प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। विशेषज्ञों ने एकमत से माना कि जिस गति और सटीकता के साथ हरियाणा ने CrPIS मॉडल को लागू किया है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
तकनीक पर जोर, सुशासन की ओर कदम
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अजय सिंघल ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम, विशेषकर SCRB की पुलिस अधीक्षक नीतिका गहलोत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के सुशासन और तकनीक-आधारित पुलिसिंग के विजन का परिणाम है।
डीजीपी सिंघल ने आगे कहा, “आधुनिक अपराधों से निपटने के लिए वैज्ञानिक जांच अनिवार्य है। CrPIS प्रणाली अपराधियों की सटीक पहचान और रिकॉर्ड प्रबंधन को अत्यंत प्रभावी बनाएगी, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।”

यह उपलब्धि न केवल हरियाणा पुलिस की तकनीकी दक्षता को सिद्ध करती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि हरियाणा देश में स्मार्ट पुलिसिंग और वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में सबसे आगे खड़े राज्यों में शामिल है।



