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ईरान-US की डील पर 4 दिन बाद होंगे साइन, होर्मुज कब तक खुलेगा? जानिए कंफ्यूजन वाले 5 बड़े सवालों के जवाब

जंग के 107 दिन बाद ईरान और अमेरिका अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं. चार दिन बाद यानी 19 जून को जिनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसके तहत सबसे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की घोषणा की गई है. हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अभी भी कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब आना बाकी हैं. फारस की खाड़ी का प्रवेश द्वार माने जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है. दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है.

अमेरिकी हमले के विरोध में ईरान ने इस मार्ग को बंद कर दिया था, जिसके बाद वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई थी. अब समझौते के तहत अमेरिका ने इस मार्ग को फिर से खुलवाने की पहल की है.

होर्मुज से जुड़े 5 सवाल और उसके जवाब

1. क्या होर्मुज सभी देशों के लिए खुलने जा रहा है?

हां. डील के तहत होर्मुज को पूरी तरह से खोलने का फैसला हुआ है. सभी देश इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, ईरान ने इजराइल के जहाजों को इस रास्ते से नहीं गुजरने देने की बात कही है. ईरान का कहना है कि इस रास्ते से अगर इजराइल का जहाज गुजरेगा, तो उस पर तेहरान हमला कर सकता है.

2. होर्मुज का रास्ता पूरी तरह कब तक खुल जाएगा?

होर्मुज के नीचे ईरान ने बारूद लगा रखे हैं. इसे क्लीन करने में कम से कम 30 दिन का वक्त लग सकता है. अमेरिका को भी यह उम्मीद है कि इसे खुलने में 30 दिन का वक्त लग सकता है. वहीं शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर बड़ी संख्या में जहाज एक साथ निकलने लगे तो समुद्री जाम लग सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि होर्मुज खुलने के बाद भी युद्ध से पहले जैसी सामान्य स्थिति लौटने में कई हफ्ते या कई महीने लग सकते हैं.

3. होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों को टैक्स देना होगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानें तो होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों को कोई टोल नहीं देना होगा. पहले भी किसी जहाज को होर्मुज से गुजरने के लिए टोल नहीं देना होता था. हालांकि, ईरान टोल वसूलने की तैयारी में है. वार्ता दल के प्रमुख मोहम्मद-बघेर गालिबफ के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी के मुताबिक ईरान और ओमान मिलकर टोल वसूलेगा. ईरान इस टोल को पर्यावरण टैक्स नाम देने की तैयारी में है.

4. होर्मुज खुलने से किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?

इराक को होर्मुज खुलने से सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है. क्योंकि, होर्मुज के बंद होने से इराक तेल नहीं बेच पा रहा था. बाकी के खाड़ी देश वैकल्पिक रास्तों के जरिए तेल बेच ले रहा था, लेकिन इराक ऐसा नहीं कर पा रहा था. अब होर्मुज के खुलने से इराक तेल बेच सकेगा. जीएमए नेटवर्क के मुताबिक जंग से पहले इराक 33 मिलियन बैरल तेल रोज बेच रहा था. जंग के बाद इस संख्या में गिरावट देखी गई. इराक इस वक्त सिर्फ 10 मिलियन बैरल तेल रोज बेच पा रहा है.

5. होर्मुज में अभी कितने जहाज फंसे हैं?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक होर्मुज में अभी 600 बड़े जहाज फंसे हुए हैं. इसके अलावा तेल टैंकर भी फंसे हुए हैं. भारत के करीब 13 जहाज अभी होर्मुज में फंसे हैं. ये सभी जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हैं.

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