
सांकली, गोवा: महाराष्ट्र-गोवा सीमा के पास स्थित वज्र सकला झरने पर घूमने गए सांकली के 6 युवक अचानक आई बाढ़ में फंस गए। करीब 18 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रविवार को ये सभी युवक विर्डी-दोडामार्ग के पास वज्र सकला झरना देखने गए थे। इनमें सांकली नगर परिषद की अध्यक्ष सिद्धि परब का बेटा भी शामिल था। युवक बिना घरवालों को बताए गए थे। दोपहर बाद इलाके में भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे झरने का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते युवक झरने के नीचे फंस गए और चारों तरफ उफनती धाराओं से घिर गए।
इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण वे किसी से संपर्क नहीं कर पाए। रविवार देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी मौजूदगी महाराष्ट्र स्थित झरने पर ट्रेस की। इसके बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
रातभर चला बचाव अभियान
गोवा पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस, वन विभाग और दमकल विभाग की टीमों ने खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद रातभर अभियान चलाया। सोमवार तड़के करीब 18 घंटे बाद सभी 6 युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी युवक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए मदद के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुलिस और प्रशासन को तत्काल हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि बचाए गए कुछ युवक मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भी हैं।
झरने पर फंसे युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद इस रेस्क्यू की काफी चर्चा हो रही है।
मानसून में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसून में मशहूर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी झरनों और नदियों का जलस्तर मिनटों में खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मानसून में ऐसे इलाकों में जाते समय सतर्कता बरतें और मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें।




