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हरियाणा HTET परीक्षा में बड़ा ‘गड़बड़झाला’: सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार को घेरा

पेपर लीक, खुली सील और अनुवाद में भारी गलतियों ने बढ़ाई परीक्षार्थियों की चिंता; कांग्रेस ने की परीक्षा रद्द करने की मांग

चंडीगढ़, 5 जुलाई: हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET लेवल-3) अब बड़े विवादों और गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। 4 जुलाई को आयोजित की गई पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) की इस परीक्षा में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धांधली, पेपर लीक और भारी त्रुटियों के मामले सामने आए हैं, जिसने राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर बदइंतजामी और धांधली के सबूत

परीक्षार्थियों और विपक्षी नेताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी और दादरी सहित कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं देखी गईं। रेवाड़ी के संग्लो और सूरज स्कूल जैसे केंद्रों पर छात्रों को पहले से ही खुली और टूटी हुई सील वाले प्रश्न पत्र दिए गए। जब छात्रों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें बोर्ड की ओर से ही ऐसा पेपर मिलने का तर्क दिया गया।

रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया है कि दादरी के नोडल अधिकारी और SDM डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने भी पेपर की सील टूटने की बात स्वीकार की है, जिससे परीक्षा की शुचिता पर सीधा प्रहार हुआ है। इसके अलावा, रेवाड़ी और कैथल में प्रश्न पत्र और OMR शीट के सीरियल नंबर अलग-अलग होने की शिकायतें मिली हैं, जिससे ओएमआर शीट बदलने के माफियाई षड्यंत्र की आशंका जताई जा रही है।

पेपर में कथित त्रुटियां और ‘गलत अनुवाद’

सुरजेवाला के सोशल मीडिया पोस्ट में जो दावे किए गए, उसके मुताबिक:

  • गायब पैसेज: 10 सवाल (Q141-150) एक गद्यांश पर आधारित थे, लेकिन वह गद्यांश ही प्रश्न पत्र से गायब था।

  • त्रुटिपूर्ण अनुवाद: विज्ञान के प्रश्न में अंग्रेजी शब्द ‘Urine’ का हिंदी अनुवाद गलती से ‘Wine’ कर दिया गया।

  • वर्तनी की अशुद्धियाँ: प्रश्न पत्र में अंग्रेजी के शब्दों जैसे ‘Mentally Retarded’ और ‘Grammatical’ की स्पेलिंग गलत लिखी गई थी।

  • क्रम की गड़बड़ी: कॉमर्स के पेपर में प्रश्न संख्या 90 के बाद सीधे 86 नंबर के सवाल छपे मिले।

सुरजेवाला का सरकार पर तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

सुरजेवाला ने कहा, “हरियाणा का युवा अब यह पूछता है कि वह कितने दिन हर पेपर में गड़बड़झाला करवाने वाली बीजेपी सरकार की मार सहता रहेगा? जब रेवाड़ी व अन्य जगह प्रश्न पेपर की सील टूटी मिली, तो क्या यह पेपर बाकी जगह व्हाट्सऐप या टेलीफोन द्वारा सर्कुलेट होकर नहीं बिका होगा? क्या श्रीमान नायब सैनी इसका कोई जवाब देंगे?”

छात्रों और कांग्रेस की प्रमुख मांगें

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विपक्ष और छात्रों ने मांग की है कि:

  1. पूरी PGT परीक्षा को तत्काल रद्द करके दोबारा आयोजित किया जाए।

  2. पेपर की सील टूटने और लीक की घटनाओं पर संबंधित अधिकारियों और माफिया के खिलाफ FIR दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए।

  3. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इस असफलता की सार्वजनिक तौर पर जिम्मेदारी लेते हुए युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

परीक्षा में हुई इन घटनाओं ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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