फ्लायदुबई कॉकपिट हमला: इज़राइली पीएम नेतन्याहू को कैप्टन स्मित मच्छार ने बयां की खौफनाक मंज़र की पूरी कहानी
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में कैप्टन स्मित मच्छार ने साझा किया कॉकपिट के भीतर का खौफनाक अनुभव, बताया कैसे को-पायलट के जानलेवा हमले के बाद बचाई विमान में सवार लोगों की जान
3 अक्टूबर 2026, दुबई / नई दिल्ली: फ्लायदुबई के कॉकपिट के भीतर हुई जानलेवा झड़प और विमान में उपजे संकट को लेकर अब बड़ी जानकारी सामने आई है। इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने इस पूरी घटना की आंखों देखी बयां की है। आइए जानते हैं, कड़ी-दर-कड़ी क्या हुआ:
कॉकपिट के अंदर क्या-क्या हुआ?
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सामान्य शुरुआत: उड़ान के शुरुआती चरण में सबकुछ पूरी तरह सामान्य था। इसी दौरान सह-पायलट (को-पायलट) ने कैप्टन से कहा कि वह नमाज़ पढ़ना चाहता है। कैप्टन स्मित के मुताबिक, स्थानीय पायलटों के बीच यह एक सामान्य बात थी, इसलिए उन्हें कुछ अजीब नहीं लगा।
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पीछे मुड़ते ही हमला: कैप्टन स्मित आगे की तरफ मुंह करके बैठे थे और को-पायलट उनके पीछे प्रार्थना कर रहा था। लगभग 4 से 5 मिनट बाद, कैप्टन के सिर के पिछले हिस्से पर अचानक किसी भारी और धारदार चीज़ से जोरदार हमला हुआ।
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विमान दुर्घटना का भ्रम: पहला वार इतना तेज था कि कैप्टन को लगा कि विमान में कोई बड़ा तकनीकी या ढांचागत हादसा हो गया है। लेकिन जब एक के बाद एक कई वार होने लगे, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनका को-पायलट ही उन पर जानलेवा हमला कर रहा है।
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धुंधली पड़ी आंखें और गिरता विमान: लगातार हुए हमलों की वजह से कैप्टन स्मित की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा और धुंधला दिखाई देने लगा। उन्होंने मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन रोशनी की कमी और गंभीर चोटों के कारण वे ठीक से देख नहीं पा रहे थे। इसी बीच उन्होंने महसूस किया कि विमान तेजी से नीचे (गोता लगाते हुए) गिर रहा है।
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अंतिम जंग और कॉकपिट का दरवाजा: गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर पड़े कैप्टन को यात्रियों की चीखें और हवा का तेज दबाव सुनाई दे रहा था। उन्हें अहसास हो गया कि अगर उन्होंने इस वक्त हिम्मत नहीं दिखाई, तो विमान में सवार सभी लोगों की मौत तय है।
अपनी बची-कुची पूरी ताकत झोंककर कैप्टन स्मित मच्छार फर्श से उठे और उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स और यात्री तुरंत अंदर घुसे, को-पायलट को काबू में किया और विमान का नियंत्रण वापस लेकर एक बड़ा हादसा टाल दिया।



