NEET-UG पुन: परीक्षा और टेलीग्राम बैन: राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
परीक्षा में धांधली रोकने के सरकारी उपाय पर राहुल गांधी का तंज, इसे बताया छात्रों को परेशान करने वाला 'दिखावा'

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 की आगामी पुन: परीक्षा (re-examination) को लेकर सरकार द्वारा टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर राजनीति तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘दिखावा’ करार दिया है।
‘चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित को परेशान करना’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा ट्वीट करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:
“‘Telegram Ban’ – मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा। यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।”
राहुल गांधी ने तर्क दिया कि लाखों छात्र अपनी पढ़ाई, नोट्स, टेस्ट सीरीज़ और चर्चाओं के लिए वर्षों से टेलीग्राम का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि छात्रों से उनकी पढ़ाई की यह सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हो सकता है?
‘अगला नंबर किसका – WhatsApp का?’
अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने इस कदम की प्रभावकारिता पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध ‘फूलप्रूफ’ नहीं है और यह बात देश का हर छात्र और पेपर लीक माफिया भी जानता है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि इसके बाद सरकार अगला प्रतिबंध किस पर लगाएगी? क्या अगला नंबर WhatsApp का होगा?
माफिया पर वार करने की सलाह
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी लेने और इस तरह के प्रतिबंध लगाने जैसे दिखावे में व्यस्त है, जबकि बीमारी की जड़ पर कोई प्रहार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “पेपर लीक माफिया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।”
अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि, “दिखावा छोड़िए, माफिया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।”
दरअसल एक X यूज़र अपूर्वा जैन ने अपने ट्वीट में नीट-पीजी (NEET PG) की तैयारी कर रहे अपने भाई की स्थिति साझा करते हुए टेलीग्राम बैन के व्यावहारिक नुकसानों को उजागर किया है:
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अध्ययन सामग्री की अनुपलब्धता: अपूर्व ने बताया कि उनके भाई के नीट-पीजी से संबंधित सभी नोट्स, वीडियो लेक्चर और पेड स्टडी ग्रुप्स (paid study groups) टेलीग्राम पर ही मौजूद थे। ऐप बैन होने के कारण अब वह अपनी ही खरीदी हुई सामग्री तक नहीं पहुँच पा रहे हैं।
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पायरेसी और स्कैमर्स का खतरा: उन्होंने चिंता जताई है कि पढ़ाई के लिए सामग्री ढूंढने के चक्कर में छात्र अब पायरेटेड सामग्री बेचने वाले स्कैमर्स के संपर्क में आने को मजबूर हो रहे हैं।
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एक गलत कदम का खामियाजा: अपूर्व का तर्क है कि नीट-यूजी (NEET UG) का एक पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने जिस तरह टेलीग्राम पर पाबंदी लगाई है, उसका असर उन हजारों ईमानदार छात्रों पर पड़ रहा है जो इसे अपनी पढ़ाई के वैध जरिया के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। देखें ट्वीट-

इस ट्वीट का संदर्भ
राहुल गांधी ने अपूर्व जैन के इस पोस्ट को अपने एक्स (X) हैंडल पर साझा करते हुए इसे सरकार की विफल नीति का उदाहरण बताया है। राहुल गांधी का मानना है कि यह प्रतिबंध पेपर लीक माफिया के बजाय सीधे तौर पर आम छात्रों को परेशान करने वाला कदम है।
पृष्ठभूमि: टेलीग्राम पर क्यों लगा प्रतिबंध?
बता दें कि सरकार ने आगामी 21 जून को होने वाली NEET-UG पुन: परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का कहना है कि टेलीग्राम का उपयोग कुछ गिरोहों द्वारा परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने और धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, टेलीग्राम को संदेश एडिट करने (message-editing) की सुविधा को भी भारत में 30 जून तक बंद करने का निर्देश दिया गया है।
इस प्रतिबंध के खिलाफ टेलीग्राम ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है, जिसमें तर्क दिया गया है कि इस फैसले से करोड़ों सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित हो रहे हैं।




