
19 जुलाई, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपने विकराल रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए 20 और 21 जुलाई के लिए ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया है।
इन जिलों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 और 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए इन जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और हमीरपुर जैसे अन्य जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ भारी बारिश की प्रबल संभावना है।
#WATCH | Himachal Pradesh: The India Meteorological Department (IMD) has issued a red alert for five districts of Himachal Pradesh and an orange alert for Shimla district from tomorrow, Monday for the next three days, warning of heavy to very heavy rainfall.
Amid the rain… pic.twitter.com/cCMmFR3XoU
— ANI (@ANI) July 19, 2026
प्रशासन ने जारी की गाइडलाइंस
प्रदेश के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने सभी जिला उपायुक्तों को सतर्क रहने और आपातकालीन संचालन केंद्रों (Emergency Operation Centres) को 24×7 सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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अनावश्यक यात्रा से बचें: भूस्खलन संभावित (landslide-prone) क्षेत्रों की ओर जाने से बचें।
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नदी-नालों से दूरी: उफान पर बहने वाले नदी-नालों और पुलों को पार करने की कोशिश न करें।
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सतर्कता: भारी बारिश के दौरान ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और कच्चे मकानों के पास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 या जिला हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करें।
मानसून का ‘आक्रामक’ दौर
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, मानसून का यह दौर कम से कम 24 जुलाई तक सक्रिय रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के कारण फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़), भूस्खलन, और चट्टानें गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
हाल ही में किन्नौर जिले में भारी बारिश के कारण सांगला-चितकुल सड़क अवरुद्ध हो गई थी और मलबे के कारण नुकसान की खबरें भी सामने आई थीं। इसे देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को राज्य के संवेदनशील इलाकों में पहले ही तैनात कर दिया गया है।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।




