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समुद्र की गहराइयों में छिपे 40,000 ज्वालामुखी: वैज्ञानिकों ने सुलझाया एक बड़ा रहस्य

नई तकनीक और सिमुलेशन के जरिए मिली समुद्र के भीतर के पहाड़ों की जानकारी, पृथ्वी के आंतरिक बदलावों को समझने में मिलेगी मदद

ब्यूरो: पृथ्वी की सतह पर हम पहाड़ और ज्वालामुखी देखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि समुद्र की अथाह गहराइयों में एक पूरी तरह से अलग और विशाल दुनिया मौजूद है? हाल ही में, वैज्ञानिकों ने समुद्र के नीचे एक विशाल ज्वालामुखी प्रणाली का पता लगाया है, जिसमें 40,000 से अधिक ‘सीमाउंट्स’ (Seamounts) यानी पानी के नीचे के पहाड़ों की पहचान की गई है।

यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?

समुद्र के नीचे स्थित ये ज्वालामुखी दुनिया के सबसे व्यापक ज्वालामुखीय फीचर्स में से एक हैं, फिर भी ये हमारी नज़रों से ओझल रहते हैं क्योंकि ये समुद्र की सतह के काफी नीचे छिपे होते हैं। इन पहाड़ों की बनावट अलग-अलग होती है—कुछ हवाई-सम्राट प्रणाली (Hawaiian–Emperor system) की तरह लंबी कतारों में व्यवस्थित हैं, तो कुछ समुद्र की तलहटी में अकेले खड़े हैं।

शोध और नई तकनीक

इस खोज के पीछे चीनी विज्ञान अकादमी (CAS) के भूविज्ञान और भूभौतिकी संस्थान के शोधकर्ताओं का हाथ है। उन्होंने एक अत्याधुनिक हाई-रिज़ॉल्यूशन सिमुलेशन मॉडल तैयार किया है, जो पृथ्वी के आंतरिक भाग (mantle) के 270 मिलियन वर्षों के विकास को दर्शाता है।

यह मॉडल इस बात को समझने में मदद करता है कि कैसे गहरे भू-गर्भीय थर्मल प्रोसेस समुद्र के नीचे इन ज्वालामुखी श्रृंखलाओं और बिखरे हुए सीमाउंट्स का निर्माण करते हैं।

पुरानी धारणा बनाम नई सच्चाई

दशकों से, वैज्ञानिक इन ज्वालामुखीय श्रृंखलाओं की व्याख्या करने के लिए ‘हॉटस्पॉट परिकल्पना’ (Hotspot Hypothesis) का उपयोग करते आ रहे हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, पृथ्वी के अंदर से उठने वाले मैग्मा के प्लम्स (mantle plumes) टेक्टोनिक प्लेटों के नीचे से गुजरते हुए उन्हें पिघलाकर ज्वालामुखी बनाते हैं।

हालाँकि, यह पुरानी थ्योरी पूरी तस्वीर पेश करने में असमर्थ थी। शोधकर्ताओं ने पाया कि:

  • ‘हॉटस्पॉट मॉडल’ केवल 50 के आसपास सीमाउंट श्रृंखलाओं की ही सटीक व्याख्या कर पाता है।

  • बाकी हजारों सीमाउंट्स की उत्पत्ति का कारण अब तक स्पष्ट नहीं था।

यह नया सिमुलेशन उन अनसुलझे रहस्यों को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो बताता है कि पृथ्वी का आंतरिक हिस्सा हमारे अनुमान से कहीं अधिक जटिल और सक्रिय है।

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