पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: कैबिनेट बैठक में आएगा सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश
कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा नए सख्त बिल का ड्राफ्ट; दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा और भारी जुर्माना

24 जुलाई, नई दिल्ली: नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले पर सरकार के कड़े रुख को साफ कर दिया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
“यह कोई साधारण बात नहीं है, युवाओं का भविष्य सबसे ऊपर है”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में छात्रों और उनके अभिभावकों के दर्द को साझा किया। उन्होंने कहा:
“साथियों, मैं जानता हूं कि पेपर लीक होना कोई साधारण बात नहीं है। लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए यह बेहद दर्दनाक और कष्टदायक होता है। यही कारण है कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बाद से सरकार ने कई बड़े और कड़े कदम उठाए हैं। इस मामले के दोषियों को पकड़ा जा चुका है और वे इस समय जेल में हैं।”
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं के कल्याण और उनके भविष्य से बढ़कर सरकार के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
छात्रों का साल बचाना थी पहली प्राथमिकता
पीएम मोदी ने बताया कि पेपर लीक की खबर आने के बाद सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद न हो। इसके लिए परीक्षाओं को तुरंत दोबारा आयोजित करना बेहद जरूरी था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए बेहद कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की व्यवस्था की। 19 जुलाई को इस परीक्षा के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं, और देश भर से सफल छात्रों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।
कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा नए कानून का ड्राफ्ट
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ दोषियों को जेल भेजने और दोबारा परीक्षा कराने तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए एक फुलप्रूफ कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने आगे बताया:
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फास्ट-ट्रैक कोर्ट के निर्देश: उन्होंने संबंधित विभागों को पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) गठित करने के निर्देश दिए थे।
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देर रात तैयार हुआ ड्राफ्ट: विभागों ने लगातार काम करके एक कड़े कानून का ड्राफ्ट तैयार कर प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।
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कड़े दंड का प्रावधान: इस नए बिल (Draft Bill) में पेपर लीक करने वाले माफियाओं और दोषियों के लिए बेहद सख्त सजा और भारी जुर्माने के प्रावधान शामिल हैं।
संसद के इसी सत्र में पास कराने की कोशिश
इस ड्राफ्ट को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट मंत्रियों के सुझावों और इनपुट्स को शामिल करने के बाद इस विधेयक (Bill) को अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई है कि संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत (सोमवार) होते ही सरकार की कोशिश इस सख्त बिल को दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से जल्द से जल्द पास कराने की होगी, ताकि देश में एक मजबूत एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया जा सके।




