खांसी की दवा लेने जा रहे हैं? तो पहले पढ़ लें सरकार का यह नया फरमान
अब 30ml से बड़ी बोतल और उच्च अल्कोहल वाली दवाओं के लिए प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य, नियम का पालन न करना पड़ सकता है भारी

10 जुलाई, नई दिल्ली: अगर आप भी अक्सर छोटी-मोटी बीमारियों या सर्दी-खांसी में मेडिकल स्टोर से जाकर सीधे सिरप या अन्य दवाएं खरीद लेते हैं, तो अब आपको सावधान हो जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने दवाओं के नियमों में एक बड़ा और सख्त बदलाव किया है, जिसका सीधा असर आम जनता की खरीदारी पर पड़ेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में ‘ड्रग्स (दसवां संशोधन) नियम, 2026’ को नोटिफाई किया है। यह नया नियम सरकारी गजट में प्रकाशित होने के अगले छह महीने के भीतर पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा।
क्या है नया नियम?
सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, ऐसी सभी ओरल (पीने वाली) दवाएं जिनमें 12% से अधिक एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) की मात्रा है और जो 30 मिलीलीटर (ml) से बड़ी पैकिंग में आती हैं, उन्हें अब ‘शेड्यूल H1’ की श्रेणी में डाल दिया गया है।
इसका सरल अर्थ यह है कि अब ये दवाएं बिना किसी वैध डॉक्टर की पर्ची (Prescription) के किसी भी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलेंगी।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बाजार में मौजूद कई सुगंधित सिरप और टिंचर में एथिल अल्कोहल की मात्रा बहुत अधिक (कई बार 80 से 90 प्रतिशत तक) होती है। सरकार को कई राज्यों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग इन दवाओं का उपयोग इलाज के बजाय नशे के लिए कर रहे हैं।
इस दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने दवाओं की निगरानी को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है।
आम जनता पर क्या असर होगा?
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पर्ची अनिवार्य: अब आपको खांसी की सिरप या ऐसी कोई भी दवा जिसमें अल्कोहल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक है, उसे खरीदने के लिए डॉक्टर की सलाह और पर्ची अनिवार्य होगी।
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रिकॉर्ड रखना जरूरी: दवा विक्रेताओं (केमिस्ट) को अब इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवा सही हाथों में और सही तरीके से पहुँच रही है।
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उपलब्धता पर असर नहीं: उन मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है जिन्हें वास्तव में इन दवाओं की जरूरत है। अगर आपके पास डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन है, तो दवाएं पहले की तरह ही आसानी से उपलब्ध रहेंगी।
निगरानी होगी सख्त
सरकार ने इस बदलाव के जरिए दवा उद्योग में रेगुलेशन को और अधिक मजबूत किया है। अब इन दवाओं का वितरण केवल अधिकृत दवा चैनलों के माध्यम से ही हो सकेगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियम न केवल नशे की लत को रोकने में सहायक होगा, बल्कि बिना सलाह दवा लेने की प्रवृत्ति (Self-Medication) पर भी रोक लगाएगा, जो अक्सर सेहत के लिए घातक साबित होती है।
नोट: यदि आप दवा का सेवन कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें और हमेशा प्रिस्क्रिप्शन के साथ ही मेडिकल स्टोर पर जाएं।




