नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण बाढ़ और भूस्खलन, कम से कम 17 लोगों की मौत
भोटे कोशी नदी में उफान के कारण कई गांव बहे, काठमांडू से संपर्क टूटा; बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी

26 अगस्त 2026, काठमांडू: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांव बह गए हैं और सड़कों व बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
भोटे कोशी नदी में उफान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा जिले में हुआ। भोटे कोशी नदी में अत्यधिक बर्फ पिघलने के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। आपदा के कारण काठमांडू को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया है, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है।
Today, a flash flood has swept through markets, settlements, and hydropower projects along the Bhotekoshi River in Timure and Syabrubesi, Gosainkunda Rural Municipality, Rasuwa District, Bagmati Province, Nepal. pic.twitter.com/DWVsGQpRzV
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) August 26, 2026
राहत और बचाव कार्य जारी
सीमा के दोनों ओर नेपाल और तिब्बत (चीन) में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
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अब तक 12 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
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रसुवा जिले की दो पुलिस चौकियों से सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान लापता हैं, जबकि दर्जनों अन्य पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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तेज हवाओं के कारण प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करने में भी कठिनाई आ रही है।
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपातकालीन बैठक
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपातकालीन बैठक की। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि रेड क्रॉस, स्काउट्स और मेडिकल टीमों के समन्वय से आवश्यक राहत कदम उठाए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी किनारे रहने वाले निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार तबाही का दायरा पिछले साल रसुवा में आई बाढ़ से भी अधिक बड़ा है।




