भारत में ‘मानसून विरोधाभास’: कहीं भीषण गर्मी तो कहीं भारी बारिश का कहर
उत्तर भारत लू की चपेट में, जबकि उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर में 'रेड अलर्ट' जारी

ब्यूरो: भारत इस समय मौसम के एक अजीब और विपरीत दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहाँ देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में लोग भीषण गर्मी और उमस से बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पूर्व और उत्तर बंगाल के इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का यह दोहरा रूप एक साथ देखने को मिल रहा है।
उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर में ‘रेड अलर्ट’
IMD ने 20 जून के लिए उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, जहाँ एक ही दिन में 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा हो सकती है। इस भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (landslides) का गंभीर खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-NCR: उमस और गर्मी से राहत नहीं
इसके विपरीत, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में स्थिति बिल्कुल अलग है। यहाँ लोग अभी भी गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं। हालांकि IMD ने गरज के साथ छींटे पड़ने और तेज हवाएं चलने के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, लेकिन तापमान में कोई खास गिरावट की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जो स्थानीय निवासियों के लिए भारी परेशानी का सबब बना हुआ है।

मौसम का व्यापक असर
मौसम विभाग द्वारा साझा की गई उपग्रह तस्वीरों (satellite imagery) से पता चलता है कि हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत तक बिजली कड़कने और गरज के साथ व्यापक स्तर पर सक्रियता बनी हुई है। देश के एक बड़े हिस्से में इस तरह की अस्थिर मौसमी गतिविधियां एक साथ देखी जा रही हैं, जो इसे एक ‘मानसून विरोधाभास’ की स्थिति बनाती हैं।
सुरक्षा के लिए सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के पूर्वानुमानों पर नजर रखें और विशेष रूप से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। दिल्ली जैसे गर्म इलाकों में रहने वाले लोगों को भी गर्मी से बचाव के लिए उचित सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।




