
चंडीगढ़, 09 जुलाई 2026: पंजाब के न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC) ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अस्पताल ने मात्र छह महीनों के भीतर 100 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरी को पूरी तरह से नि:शुल्क संपन्न कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की इकाई, HBCHRC ने न केवल अत्याधुनिक तकनीक का परिचय दिया है, बल्कि आम नागरिकों के लिए जटिल कैंसर उपचार को सुलभ भी बनाया है।
100 मरीजों को मिला जीवनदान
अस्पताल के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि शुरुआती लक्ष्य 80 मरीजों का था, लेकिन अस्पताल ने छह महीने से भी कम समय में 100 सफल सर्जरी कर इसे पार कर लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “इन सभी 100 मरीजों का इलाज बिना किसी अतिरिक्त खर्च के किया गया है, जो इस संस्थान की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

रोबोटिक सर्जरी: तकनीक और सटीकता का मेल
ओंकोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी का मतलब यह नहीं है कि मशीन खुद से ऑपरेशन कर रही है। उन्होंने कहा, “सभी महत्वपूर्ण निर्णय ऑपरेटिंग सर्जन द्वारा ही लिए जाते हैं। रोबोटिक प्रणाली केवल सर्जन को अधिक सटीकता (Precision) के साथ काम करने में सहायता प्रदान करती है।”

इसके लाभों के बारे में ओंकोसर्जन डॉ. अरविंद गुरु ने बताया:
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कम चीरा और कम दर्द: कीहोल (keyhole) आकार के छोटे चीरों से सर्जरी संभव होती है।
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त्वरित रिकवरी: मरीजों में खून का बहाव कम होता है और वे जल्दी स्वस्थ होकर घर लौटते हैं।
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उम्र का बंधन नहीं: अस्पताल ने 80 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की भी सफलतापूर्वक रोबोटिक सर्जरी की है, जिन्हें आईसीयू में बहुत कम समय बिताना पड़ा।

स्वास्थ्य सेवाओं में एक मील का पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2022 में राष्ट्र को समर्पित यह 300 बेड वाला अस्पताल करीब 660 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है। यह केंद्र पूरे उत्तर भारत में कैंसर के इलाज के लिए एक प्रमुख ‘हब’ के रूप में कार्य कर रहा है, जहाँ सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।
निजी स्वास्थ्य संस्थानों की तुलना में काफी कम लागत पर विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराकर, HBCHRC ने यह साबित कर दिया है कि उन्नत तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया जा सकता है।



