कैंसर की नई ‘स्मार्ट’ दवा RK-251 विकसित: सिर्फ कैंसर कोशिकाओं पर करेगी वार, कीमोथेरेपी का बन सकती है बेहतर विकल्प

21 अगस्त, नई दिल्ली: भारतीय वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए RK-251 नामक एक नई “स्मार्ट” कैंसर रोधी दवा विकसित की है। यह दवा मुख्य रूप से केवल कैंसर कोशिकाओं के भीतर ही सक्रिय (Activate) होती है, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचता। पारंपरिक कीमोथेरेपी में स्वस्थ ऊतक (Healthy Tissues) भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिसके कारण मरीजों को गंभीर दुष्प्रभावों (Side Effects) का सामना करना पड़ता है।
शोधकर्ता और संस्थान यह शोध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान इन्स्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IASST) के डॉ. आशीष बाला और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-गुवाहाटी (IIT-Guwahati) के डॉ. के. पी. भबाक के संयुक्त नेतृत्व में हुआ है।

दवा के काम करने का तरीका
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रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) आधारित सक्रियता: कैंसर कोशिकाओं में ROS (हानिकारक अणुओं) का स्तर काफी अधिक होता है। RK-251 दवा इन उच्च ROS स्तरों के संपर्क में आते ही सक्रिय हो जाती है।
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टारगेटेड अटैक: यह दवा “NBDHEX” नामक शक्तिशाली कैंसर-रोधी यौगिक जारी करती है, जो कैंसर कोशिकाओं को जीवित रखने वाले लक्षित प्रोटीनों को अवरुद्ध कर देती है।
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सफल परीक्षण: शुरुआती प्री-क्लिनिकल अध्ययनों में इस दवा ने आक्रामक ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ मजबूत असर दिखाया है।
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जेब्राफिश एम्ब्रियो परीक्षण: जेब्राफिश के भ्रूण (Danio rerio) पर किए गए व्यवहार संबंधी अध्ययन में इस दवा का कोई जहरीला (Toxic) असर देखने को नहीं मिला।
यह अध्ययन ACS-Journal of Medicinal Chemistry में प्रकाशित किया गया है। इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trials) शुरू करने से पहले इसके और परीक्षण किए जाएंगे।




