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अल नीनो 2026: भीषण प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भारतीय मानसून ने रचा इतिहास

शुरुआती गिरावट के बाद जुलाई-अगस्त में जबरदस्त रिकवरी, 6वें से 9वें सबसे खराब वर्षों में शामिल होने का अनुमान

27 अगस्त 2026, नई दिल्ली: साल 2026 में अल नीनो (El Niño) के गंभीर प्रभाव के बावजूद भारतीय मानसून ने मौसम वैज्ञानिकों और आम जनता को हैरान किया है। सुपर अल नीनो जैसी प्रतिकूल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी मानसून ने जिस तरह वापसी की, उसे मौसम विशेषज्ञ एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रदर्शन बता रहे हैं।

All India Weather के अनुसार, जून के महीने में भारी बारिश की कमी का सामना करने के बाद, जुलाई और अगस्त में मानसून ने जबरदस्त रिकवरी की। हालांकि, सितंबर में फिर से सामान्य से कम बारिश का अनुमान है, जिससे इस मौसम के दौरान बारिश में कुल मिलाकर 15% से 18% तक की गिरावट (कमतर दर्ज) रहने की संभावना जताई जा रही है।

अल नीनो के दौर में मानसून का ऐतिहासिक प्रदर्शन

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि मानसून 2026 में बारिश की कुल कमी 15-18% के बीच बनी रहती है, तो यह भारत के इतिहास में 6वें से 9वें सबसे खराब मानसूनी वर्षों की सूची में शामिल होगा। हालांकि, मजबूत अल नीनो के साए को देखते हुए इसे एक बड़ी रिकवरी माना जा रहा है, क्योंकि भारत में मानसून की सबसे बड़ी नाकामियों का सीधा संबंध अल नीनो से रहा है।

भारत के प्रमुख सूखा/मानसून घाटे वाले वर्ष और अल नीनो का प्रभाव:

वर्ष मानसून घाटा (Deficit) ENSO स्थिति (El Niño Phase)
1972 ~24% मध्यम अल नीनो (Moderate El Niño)
2009 ~23% अल नीनो (El Niño)
1918 ~22.5% मजबूत अल नीनो (Strong El Niño)
2002 ~21% कमजोर अल नीनो (Weak El Niño)
1979 ~19.5% सामान्य/न्यूट्रल (Neutral)
1965 ~18–19% मध्यम अल नीनो (Moderate El Niño)
1951 ~17.6% कमजोर अल नीनो (Weak El Niño)
2026 (अनुमान) ~15–18% सुपर/मजबूत अल नीनो (Strong/Super El Niño)
1920 ~16% सामान्य/न्यूट्रल (Neutral)
1987 ~15.5% मध्यम अल नीनो (Moderate El Niño)
2015 ~14.5% मध्यम से मजबूत अल नीनो

क्यों खास है मानसून 2026?

विशेषज्ञों का कहना है कि 1972 (24% घाटा) या 2009 (23% घाटा) जैसे वर्षों की तुलना में इस बार का मानसून कहीं बेहतर स्थिति में समाप्त हो रहा है। अत्यधिक प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद मानसून ने जिस तरह जुलाई में स्थिति को संभाला, वह आने वाले कई दशकों तक एक उदाहरण के रूप में याद रखा जाएगा।

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