G7 समिट में पीएम मोदी का बड़ा संदेश: ‘दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है
फ्रांस के इवियन में वैश्विक नेताओं से मिले पीएम मोदी, कहा— किसी भी साझेदारी की असली परीक्षा दूसरों को सक्षम बनाने में है

इवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस के इवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के एक विशेष आउटरीच सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और वैश्विक एकजुटता को लेकर भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा।
‘सॉलिडेरिटी एंड पार्टनरशिप’ (एकजुटता और साझेदारी) सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता और नए गठबंधनों का निर्माण बेहद महत्वपूर्ण हो चुका है।



‘दुनिया में संसाधनों की नहीं, भरोसे की कमी है’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक सहयोग और देशों के बीच आपसी विश्वास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:
“आज के समय में आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति (Strategic Asset) है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है। हमारे भविष्य की साझेदारियां इसी भरोसे को दोबारा बहाल करने पर निर्भर करती हैं।”
क्षमता निर्माण पर भारत का जोर
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से दुनिया को एक परिवार (वसुधैव कुटुंबकम) के रूप में देखता आया है। उन्होंने विकास के भारतीय मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी प्रगति तभी सबसे प्रभावी होती है जब वह सीधे आम लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ी हो।

उन्होंने आगे कहा:
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सच्ची साझेदारी का पैमाना: “भारत का मानना है कि किसी भी साझेदारी की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि इसमें है कि हम दूसरों को खुद के लिए क्या बनाने के योग्य (सक्षम) बनाते हैं।”
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कौशल विकास: भारत की अंतर्राष्ट्रीय विकास साझेदारियां इसी भावना को दर्शाती हैं, जहां ध्यान हमेशा सहयोगी देशों के क्षमता निर्माण (Capacity Building) और कौशल विकास पर रहता है।
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वैश्विक अभियान: भारत के इन्हीं सिद्धांतों ने ‘इंटरनेशनल सोलर एलायंस’ (ISA) और ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) जैसे वैश्विक मंचों की नींव रखी है।


वैश्विक नेताओं से मुलाकात और राष्ट्रपति मैक्रों का आभार
समेलन के इतर पीएम मोदी ने G7 देशों के प्रमुखों और अन्य वैश्विक नेताओं के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की। बैठक शुरू होने से पहले नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
पीएम मोदी ने मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “इवियन में इस शानदार स्वागत के लिए मेरे मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
समृद्धि और स्थिरता के लिए काम जारी रहेगा
प्रधानमंत्री ने साझा किया कि भारत, G7 देशों के साथ मिलकर वैश्विक समृद्धि, स्थिरता (Sustainability) और मानव कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना जारी रखेगा। इवियन आने से पहले पीएम मोदी ने स्लोवाकिया का भी एक सफल दौरा किया था, जिससे भारत और स्लोवाकिया के संबंध और मजबूत हुए हैं।




