
किन्नौर: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के चोलिंग क्षेत्र में शुक्रवार तड़के भारी बारिश के बाद अचानक आई भीषण बाढ़ से प्राकृतिक आपदा की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गई हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है।
मलबे में दबे दो वाहन, बाल-बाल बचे लोग
बादल फटने की इस घटना की चपेट में सड़क से गुजर रहे दो वाहन आ गए। मलबे के तेज बहाव और पत्थर गिरने के कारण दोनों वाहन मलबे में दब गए। गनीमत यह रही कि इन वाहनों में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्होंने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, वाहनों में रखा सामान मलबे और पानी के तेज बहाव में बह गया।
Himachal : Hindustan-Tibet (NH-5) road blocked in Kinnaur due to rains. pic.twitter.com/UuibhBckTr
— News Arena India (@NewsArenaIndia) July 3, 2026
प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में पोकलेन मशीनों की मदद से राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है ताकि यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मलबे की मात्रा काफी अधिक है, जिसे हटाने में समय लग सकता है। सड़क पूरी तरह से साफ होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही को फिर से शुरू किया जाएगा।
मौसम विभाग की चेतावनी और अपील
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए शुक्रवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है, जबकि शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अत्यधिक सतर्क रहें और जब तक बहुत आवश्यक न हो, यात्रा करने से बचें। पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय सावधानी बरतें और नदी-नालों के समीप जाने से बचें।




