
किश्तवार, 6 जुलाई 2026: जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में सोमवार को भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर निर्माणाधीन 540 मेगावाट के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (Kwar Hydroelectric Power Project) पर देखा गया है।
घटना का विवरण: सोमवार की सुबह भारी बारिश के बाद अचानक आए फ्लैश फ्लड्स (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन ने परियोजना स्थल के टेलरेस टनल (TRT) क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। पानी के तेज बहाव के साथ आए भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और कीचड़ सीधे प्रोजेक्ट साइट में घुस गए। मलबे के नीचे कई ट्रक, डोजर और अन्य निर्माण मशीनें दब गई हैं।
किश्तवाड़ में भारी बारिश के बाद आये फ़्लैश फ्लड से तबाही का मंजर। 540MW क्वार परियोजना के पास भीषण भूस्खलन, कई वाहन मलबे में दबे। pic.twitter.com/nG8qzDaRxF
— thehillnews.in (@thehill_news) July 6, 2026
राहत और बचाव कार्य: प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राहत दल और भारी मशीनरी को मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि मलबे को हटाकर फंसे हुए वाहनों को निकाला जा सके और साइट पर रास्ता बहाल किया जा सके। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्थिति की जानकारी लेते हुए बताया कि अभी तक किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं है और परियोजना के मुख्य घटक सुरक्षित हैं।
यातायात पर असर: इस आपदा का असर राष्ट्रीय राजमार्ग-244 (NH-244) पर भी पड़ा है। डोडा जिले के प्रेम नगर इलाके में सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि जब तक रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक वे आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और इस मार्ग से यात्रा करने से बचें।
प्रशासन की अपील: स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारियों पर ही भरोसा करें।
पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण क्षेत्र के उच्च पर्वतीय इलाकों में भी छिटपुट घटनाओं की सूचना मिली है, जिसके चलते पूरे चेनाब घाटी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है।




