पंक्चर रिपेयर वाले को आया ₹28 करोड़ का जीएसटी नोटिस, होश उड़े!
लोन के नाम पर ठगी का शिकार हुआ गरीब युवक, दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से बना ₹100 करोड़ की फर्जी कंपनी का 'मालिक'

गोरखपुर, 22 जून 2026: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब पंक्चर रिपेयर करने वाले व्यक्ति को जीएसटी विभाग ने ₹28 करोड़ का नोटिस भेजा है। यह नोटिस एक ऐसी कंपनी के नाम पर आया है, जिसका टर्नओवर ₹100 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है, जबकि उस व्यक्ति को इस कंपनी के बारे में कोई जानकारी तक नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस और प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित राज प्रजापति, जो पेशे से एक पंक्चर रिपेयर करने वाला है, अपनी बहन की शादी के लिए कर्ज (लोन) की तलाश में था। इसी दौरान उसकी मुलाकात अपने ही गाँव के निवासी अमित गुप्ता से हुई।
अमित गुप्ता ने राज प्रजापति को लोन दिलाने का झांसा दिया और उससे आवश्यक कागजात और दस्तावेज ले लिए। आरोप है कि अमित गुप्ता ने राज की नेकनीयती और गरीबी का फायदा उठाकर उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। पुलिस क्या कह रही है, सुनिए-
बिना जानकारी के खड़ी की फर्जी कंपनी
अमित गुप्ता ने राज प्रजापति के दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी कंपनी पंजीकृत करा ली। जीएसटी विभाग के रिकॉर्ड में इस कंपनी का टर्नओवर ₹100 करोड़ के पार दिखाया गया, जिसके चलते विभाग ने ₹28 करोड़ का सीजीएसटी (CGST) नोटिस राज प्रजापति के नाम पर जारी कर दिया।
जब राज को यह नोटिस मिला, तो वह स्तब्ध रह गया। उसे यह पता ही नहीं था कि उसके नाम पर कोई कंपनी चल रही है, जिसका वह मालिक बना दिया गया है। फिलहाल, इस मामले की जाँच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में एक साधारण व्यक्ति के दस्तावेजों का उपयोग करके इतनी बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
कानून क्या कहता है?
यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि अपने पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड) किसी भी अनजान व्यक्ति या दलाल को लोन या किसी अन्य काम के लिए न दें। पहचान की चोरी (Identity Theft) का उपयोग करके अपराधी न केवल बैंक लोन ले सकते हैं, बल्कि इस तरह की बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी में भी फंसा सकते हैं।
फिलहाल, पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और प्रशासन अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जाँच कर रहा है।




