दिल्ली उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट होगा अनलॉक
अदालत ने सरकार को प्रतिबंध हटाने का निर्देश दिया; सरकार ने कहा—अकाउंट अनब्लॉक करने पर कोई आपत्ति नहीं

नई दिल्ली | 7 जुलाई, 2026: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लगे प्रतिबंध को हटाए। न्यायालय का यह आदेश तब आया जब केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि उन्हें अकाउंट को अनब्लॉक करने पर अब कोई आपत्ति नहीं है।
नीट (NEET) परीक्षा का दिया था हवाला
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अकाउंट को ब्लॉक करने के पीछे का मुख्य आधार — यानी नीट परीक्षा के दौरान संभावित अव्यवस्था — अब समाप्त हो गया है। रॉयटर्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए न्यायालय को बताया कि अकाउंट को उस समय एहतियाती उपाय के रूप में ब्लॉक किया गया था जब नीट की पुन: परीक्षा (re-examination) होने वाली थी। उन्होंने कहा, “परीक्षा के दौरान कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और अफरा-तफरी पैदा कर सकते थे। चूंकि अब परीक्षा संपन्न हो चुकी है, इसलिए सरकार को इसे अनब्लॉक करने में कोई कठिनाई नहीं है।”
Indian court orders government to unblock Cockroach party's X account https://t.co/k06uAecjNm https://t.co/k06uAecjNm
— Reuters (@Reuters) July 7, 2026
क्या है मामला?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक (satirical) सोशल मीडिया आंदोलन है, जिसने बेरोजगारी और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी मुखरता के चलते कम समय में ही काफी लोकप्रियता हासिल की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिप्के ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत मई महीने में खुफिया ब्यूरो (IB) के इनपुट के आधार पर इस अकाउंट को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69(A) के तहत ब्लॉक कर दिया गया था।
आंदोलन और प्रतिक्रिया
अकाउंट ब्लॉक होने के बाद, CJP ने वैकल्पिक माध्यमों से अपनी बात रखना जारी रखा और हाल के दिनों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी किए। अदालत के इस फैसले को पार्टी ने ‘डिजिटल अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की बड़ी जीत बताया है।
न्यायालय ने केंद्र सरकार की सहमति के बाद याचिका को स्वीकार कर लिया और अकाउंट को बहाल करने का निर्देश दिया। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष भविष्य में सोशल मीडिया पर अधिक सतर्कता (circumspect) बरतेंगे।




