
चंडीगढ़, 27 जून – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शनिवार को हरियाणा निवास में ‘मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों’ (CMGGA) और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षा, स्वच्छता, जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए।

सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की योजना
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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वर्टिकल मॉडल: जिन स्कूलों की इमारतें खस्ताहाल हैं, उन्हें गिराकर नई इमारतें बनाई जाएं। ये नई इमारतें ‘वर्टिकल’ (बहुमंजिला) डिजाइन की होंगी, ताकि खाली जगह का उपयोग बच्चों के खेल के मैदान के रूप में किया जा सके।
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सुरक्षा और शिफ्टिंग: गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद किसी भी बच्चे को जर्जर भवनों में नहीं बिठाया जाएगा। जब तक नए भवन तैयार नहीं होते, बच्चों को सुरक्षित सरकारी भवनों या अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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आधुनिक सुविधाएं: स्कूलों में साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और ड्यूल डेस्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही, पुराने और अनुपयोगी कंप्यूटर उपकरणों को एक माह के भीतर नीलाम करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जवाबदेही: स्कूलों की खामियों के लिए डीईओ से लेकर प्रधानाध्यापकों तक की जवाबदेही तय की गई है। क्लास-ए अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे।

स्वच्छता और बरसात की तैयारी
बरसात के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर दिया:
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नालों की सफाई: सभी बड़े नालों, गलियों की नालियों और ड्रेन्स की व्यापक सफाई का कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जलभराव और संक्रमण न फैले।
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वार्ड रैंकिंग: नगर निगमों में स्वच्छता को लेकर वार्ड समितियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। वार्डों की रैंकिंग की जाएगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों व सफाई कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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जीपीएस निगरानी: कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों को जीपीएस प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
ई-ऑफिस और सुशासन की ओर कदम
प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि:
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ई-ऑफिस अनिवार्य: सभी सरकारी विभागों के मुख्यालयों और जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
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एचआरएमएस पोर्टल: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हर महीने अपना विवरण ऑनलाइन एचआरएमएस पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
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आयुष्मान भारत: आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक डिजिटल बनाने पर बल दिया गया है। मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और नुस्खों (prescriptions) को डिजिटल पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि मेडिकल रिकॉर्ड कहीं भी सुलभ हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है और इन निर्देशों का पालन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।




