नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: भारत में जल्द दौड़ेंगी ‘हवा में उड़ने वाली बसें’, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट' के तहत 'फ्लाइंग बसों' को भारत में लाने की योजना का किया खुलासा

नई दिल्ली/लखनऊ | 16 जुलाई, 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को भविष्य की ओर ले जाने के लिए एक क्रांतिकारी योजना का खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान गडकरी ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही भारत में ‘फ्लाइंग बसों’ (Flying Buses) की तकनीक पेश करने जा रही है।
क्या है गडकरी की योजना?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे यातायात की बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए नई और आधुनिक तकनीक लाने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही सीप्लेन तकनीक पेश की है, जो पानी पर उतर सकती है। अब मैं ‘फ्लाइंग बसों’ को भारत की सड़कों पर उतारने की योजना बना रहा हूं।”
गडकरी के अनुसार, यह एक ‘इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ का हिस्सा होगा। इन बसों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना है, जिससे शहरी ट्रैफिक की समस्या से निजात मिल सकेगी।
इथेनॉल को लेकर दिया बड़ा बयान
फ्लाइंग बसों की चर्चा के अलावा, गडकरी ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल पर चल रही आलोचनाओं का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल के खिलाफ चल रहा नकारात्मक अभियान एक ‘पेड कैंपेन’ है, जो उन लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा है जिन्हें जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के आयात से लाभ मिलता है।
मंत्री ने कहा, “भारत हर साल लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है। यह पैसा देश से बाहर जाता है और प्रदूषण भी बढ़ाता है। ब्राजील, अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देश दशकों से इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं, तो भारत क्यों नहीं?”
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
यह घोषणा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान की गई, जो उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई गति देने वाला एक प्रमुख प्रोजेक्ट है। विशेषज्ञों का मानना है कि गडकरी की यह पहल आने वाले समय में देश के परिवहन ढांचे को पूरी तरह बदल सकती है।




