उत्तराखंड के चमोली में बारिश का कहर; किमाना गांव में भारी भूस्खलन से मलबे में तबे कई घर, सुरक्षित स्थानों पर भागे लोग
ज्योतिर्मठ ब्लॉक के किमाना गांव में पहाड़ी दरकने से मलबे और बोल्डरों का तांडव; बिना किसी जनहानि के ग्रामीणों ने खौफ में बिताई रात, प्रशासन ने प्रभावितों को पंचायत भवन और टेंटों में किया शिफ्ट

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) विकासखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार को ब्लॉक के किमाना गांव में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरकने से भीषण भूस्खलन हुआ, जिसके बाद भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर (चट्टानें) सीधे रिहायशी बस्ती की ओर आ गिरे। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
घरों और खेतों को भारी नुकसान
आपदा प्रबंधन कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह से गीली और अस्थिर हो चुकी थी। भूस्खलन के कारण मलबे और पानी का तेज बहाव गांव में घुस गया, जिससे कई आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा, गांव के मंदिर की ‘भोग मंडी’ (प्रसाद गृह) और उसकी सुरक्षा दीवार भी ढह गई है। खेतों में खड़ी फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
#chamoli | पोखरी–गोपेश्वर मार्ग विशाल तिराहा से पहले भारी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध pic.twitter.com/vSeyzTR1Iz
— Akashvani News Uttarakhand 🇮🇳 (@airnews_ddn) July 30, 2026
स्कूल और सुरक्षित स्थानों में ली शरण
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि (जान का नुकसान) नहीं हुई है। हालांकि, पत्थरों और मलबे के लगातार गिरने के डर से ग्रामीणों ने पूरी रात खौफ में बिताई। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर स्थानीय स्कूल, पंचायत भवन और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त राहत सामग्री, सुरक्षित आवास और पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट (slope protection) की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई और अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्योतिर्मठ के उप-जिलाधिकारी (SDM) चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया:
“किमाना गांव के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में मलबा और पानी गांव में दाखिल हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र के दो परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है और उनके लिए टेंट व अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति की समीक्षा के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वे भी कराया जाएगा।”
लगातार हो रही बारिश के चलते चमोली जिले की कई अंदरूनी और मुख्य सड़कें मलबे के कारण अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।




