
24 अगस्त, शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून की भारी बारिश तबाही का कारण बनी हुई है। पिछले 55 दिनों (30 जून से 22 अगस्त) के भीतर बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 224 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच हुई ताजा मूसलाधार बारिश के कारण 51 नई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे राज्य में कुल बंद सड़कों की संख्या बढ़कर 149 पर पहुंच गई है।
मानवीय क्षति और दुर्घटनाएं
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार:
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आपदा से मौतें: 91 लोगों की मौत भूस्खलन, बादल फटने, डूबने और चट्टानें खिसकने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हुई।
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सड़क हादसे: खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण हुए हादसों में 133 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
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अन्य क्षति: अब तक 330 लोग घायल हुए हैं और 1 व्यक्ति लापता बताया जा रहा है।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
राज्य भर में बंद 149 सड़कों में से सबसे खराब स्थिति मंडी जिले की है, जहां 86 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा और कांगड़ा में 8-8, ऊना में 4 तथा बिलासपुर और लाहौल-स्पीति में 1-1 सड़क बंद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें रास्तों से मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित
भारी बारिश से राज्य के कई हिस्सों में बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई है। मंडी में 25, चंबा में 20 और शिमला में 11 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिन्हें ठीक करने का काम जारी है।




