46 साल की सेवा के बाद इंडिगो के कैप्टन हुए रिटायर, बेटी का भावुक विदाई संदेश हुआ वायरल
कैप्टन संदीप पुरी की आखिरी उड़ान पर बेटी आस्था पुरी ने दी भावुक विदाई; भारतीय वायुसेना से लेकर इंडिगो तक के शानदार सफर को किया सलाम

नई दिल्ली: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक करने वाला वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक बेटी ने अपने पिता को उनके करियर की आखिरी उड़ान पर एक अनोखे अंदाज में विदाई दी। इंडिगो एयरलाइंस के कैप्टन संदीप पुरी, जिन्होंने 46 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं, अपनी रिटायरमेंट की आखिरी फ्लाइट के दौरान तब भावुक हो गए जब उनकी बेटी, को-पायलट आस्था पुरी ने उनके लिए एक मार्मिक कविता पढ़ी।

पिता के संघर्षों को किया सलाम
आस्था पुरी, जो खुद एक को-पायलट हैं, ने विमान के केबिन स्पीकर का उपयोग करते हुए अपने पिता के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने अपनी कविता के जरिए कहा, “मेरे पिता के हर एक संघर्ष को करती हूँ सलाम।” यह पल न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि विमान में सवार सभी यात्रियों के लिए भी अविस्मरणीय बन गया।

भारतीय वायुसेना से इंडिगो तक का सफर
कैप्टन संदीप पुरी का करियर अत्यंत प्रेरणादायक रहा है:
-
1981 में शुरुआत: उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) में अपने करियर की शुरुआत की।
-
अहम जिम्मेदारी: उन्होंने जगुआर स्क्वाड्रन की कमान संभाली और आक्रामक अभियानों (offensive operations) के निदेशक के रूप में कार्य किया।
-
इंडिगो में सेवाएं: वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद, वे इंडिगो से जुड़े और लाखों यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाया।
अपनी विदाई के दौरान, कैप्टन संदीप पुरी ने भावुक होते हुए अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर लोग इस पिता-बेटी की जोड़ी की जमकर सराहना कर रहे हैं और कैप्टन पुरी को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।




