International

घातक बाढ़ के बाद चीन सीमा पर ‘अर्ली-वार्निंग सिस्टम’ फिर से बनाएगा नेपाल: Reuters के हवाले से खबर

हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल ने चीन से सटी सीमा पर भूस्खलन और बाढ़ की चेतावनी देने वाले उपकरण लगाने की योजना बनाई है

03 सितंबर 2026, काठमांडू / नई दिल्ली: हाल ही में आई भीषण ग्लेशियर बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल सरकार ने चीन से सटी अपनी सीमा पर पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early-Warning System) को नए सिरे से स्थापित करने की योजना बनाई है। रॉयटर्स (Reuters) की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल प्रशासन इस नई प्रणाली के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में सिस्मिक सेंसर्स (बूकंपीय सेंसर), कैमरे और एक उपग्रह संपर्क (सैटेलाइट लिंक) स्थापित करने जा रहा है।

तिमुरी बॉर्डर पर लगेंगे हाई-टेक उपकरण

नेपाली सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये नए उपकरण नेपाल के रसुवा जिले के तिमुरी (Timure) नामक सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। यह वही नदी गलियारा है जहां पिछले सप्ताह ग्लेशियर टूटने से अचानक आई भयंकर बाढ़, कीचड़ और मलबे ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में 1,100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

ब्लैकआउट से निपटने के लिए वीसैट (VSAT) का सहारा

रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट में वीसैट (Very Small Aperture Terminal) सैटेलाइट सिस्टम को मुख्य रूप से शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मोबाइल नेटवर्क या संचार ढांचा ध्वस्त होने की स्थिति में भी निगरानी केंद्र लगातार जुड़े रहें।

पिछली बाढ़ के दौरान सीमा के पास मौजूद कम से कम चार निगरानी केंद्र पानी के तेज बहाव में बह गए थे, जिससे संचार पूरी तरह से ठप हो गया था और चेतावनी समय पर जारी नहीं की जा सकी थी।

SMS से भेजी जाएगी चेतावनी

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धर्मा राज उप्रेती ने बताया कि नए मॉनिटरिंग स्टेशन और कैमरे नदी के जलस्तर और डिस्चार्ज की रीयल-टाइम जानकारी देंगे। यदि नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ता है या बाढ़ के कोई संकेत मिलते हैं, तो प्राधिकारी तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में एसएमएस (SMS) के जरिए चेतावनी संदेश जारी करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई चेतावनी प्रणाली से निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मिनट मिल सकेंगे, जो जीवन रक्षा के लिए बेहद कीमती साबित होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button