अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला: SIT रिपोर्ट आते ही एक्शन में सरकार, मुख्यमंत्री योगी बोले– ‘आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
देवरिया में बोले सीएम योगी- जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वाले किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, सभी 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

देवरिया (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित हेराफेरी (घोटाले) के मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आते ही आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जनभावनाओं और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

‘अयोध्या पर बुरी नजर न डालें’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म और जनमानस की आस्था का जिक्र करते हुए कहा, “अयोध्या हम सभी की आस्था और सनातन धर्म का प्रतीक है। अयोध्या पर कोई भी बुरी नजर न डाले। प्रभु श्री राम की गरिमा का सम्मान करना सीखें।”
उन्होंने 19 जून को अयोध्या में दिए अपने बयान को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक SIT का गठन किया था और वादा किया था कि रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “SIT की रिपोर्ट आ चुकी है और एक्शन भी तुरंत शुरू हो गया है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम दूध का दूध और पानी का पानी अलग कर देंगे।”

8 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राम मंदिर के दान में कथित गबन के मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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FIR की पृष्ठभूमि: यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट की सिफारिशों के बाद की गई है।
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पुलिस की कार्रवाई: अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव ग्रोवर ने पुष्टि की है कि सभी आठ आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। शुरुआती पूछताछ और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
सनातन धर्म की आस्था से समझौता नहीं
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जनता की भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। जो कोई भी सनातन धर्म की आस्था के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और इस मामले में किसी को भी कोई छूट या रियायत नहीं दी जाएगी।




