संजीव कुमार ने पहले ही कर दी थी अपनी मौत की भविष्यवाणी? सचिन पिलगांवकर ने सुनाया आखिरी मुलाकात का दर्दनाक किस्सा
हस्तरेखा ज्योतिषी की उस खौफनाक भविष्यवाणी का सच, जिसने संजीव कुमार को असल उम्र से बड़े किरदार निभाने पर मजबूर किया

30 जुलाई, मुम्बई: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार (शोले, आंधी, अंगूर) अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। मात्र 46 वर्ष की उम्र में उनका अचानक निधन पूरे बॉलीवुड के लिए एक बड़ा झटका था。 लेकिन क्या आप जानते हैं कि संजीव कुमार अपनी असल उम्र से काफी बड़े किरदारों को पर्दे पर क्यों निभाते थे? उनके बेहद करीबी दोस्त और अभिनेता सचिन पिलगांवकर ने एक इंटरव्यू में इससे जुड़ा एक हैरान करने वाला खुलासा किया था।
हस्तरेखा ज्योतिषी की वो खौफनाक भविष्यवाणी
सचिन पिलगांवकर ने बताया कि एक बार संजीव कुमार ने उनसे अपने जीवन का एक गहरा राज साझा किया था। संजीव कुमार ने कहा था, “एक हस्तरेखा ज्योतिषी (पाम रीडर) ने मुझे बताया था कि मेरी उम्र लंबी नहीं है और मैं कभी बुढ़ापा नहीं देख पाऊंगा। यही वजह है कि मैं फिल्मों में बुजुर्गों के किरदार निभाता हूँ, ताकि पर्दे पर जिंदगी के उस पड़ाव को महसूस कर सकूँ जिसे मैं शायद असल जिंदगी में कभी न देख पाऊँ।”

वो अधूरी आखिरी मुलाकात
सचिन ने उस आखिरी दिन को याद करते हुए बताया कि वे संजीव कुमार से उनके निधन से ठीक एक दिन पहले एक डबिंग स्टूडियो में मिले थे। संजीव कुमार ने उन्हें अगले दिन सुबह जल्दी घर आने को कहा था, लेकिन अपने किसी जरूरी काम के चलते सचिन ने उनसे कहा कि वे दोपहर 2 से 2:30 बजे के बीच आएंगे। संजीव कुमार ने उनसे थोड़ा जल्दी आने का आग्रह भी किया था, लेकिन सचिन समय पर ही पहुंच सके—और यही बात बाद में उनके दिल में हमेशा के लिए एक टीस बनकर रह गई।
जब सचिन दोपहर में उनके घर पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वह अपने कमरे में हैं और नहा रहे हैं। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद जब कोई हलचल नहीं हुई, तो सचिन को चिंता हुई। पूछने पर पता चला कि संजीव कुमार की तबीयत ठीक नहीं थी और उनके सेक्रेटरी जामनादास डॉक्टर गांधी को बुलाने गए थे।
जब डॉक्टर आए, तो पता चला कि संजीव कुमार रात को करीब 3 या 4 बजे काम से लौटे थे और उन्हें उल्टी भी हुई थी। सचिन ने सोचा कि वे अपने दोस्त को तबीयत खराब होने के बावजूद इतनी देर रात तक काम करने के लिए डांटेंगे, क्योंकि दोनों के बीच एक गहरा और बेहद दोस्ताना रिश्ता था।
कमरे का दरवाजा खुला और…
काफी देर बीत जाने के बाद भी जब कोई कमरे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था, तो सचिन खुद बेडरूम की तरफ बढ़े और स्लाइडिंग दरवाजा खोला।
सचिन ने बताया, “सामने तो कोई नहीं दिखा, लेकिन नीचे कालीन (कार्पेट) पर दो पैर नजर आए। जब मैं आगे बढ़ा तो देखा कि वह फर्श पर औंधे मुंह गिरे हुए थे और उनका एक हाथ दरवाजे की तरफ फैला हुआ था।” सचिन के चिल्लाने पर डॉक्टर तुरंत अंदर भागे और उनकी छाती को पंप किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर ने बताया कि संजीव कुमार का काफी समय पहले ही निधन हो चुका था।
6 नवंबर 1985 को दिल का दौरा पड़ने के कारण संजीव कुमार इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनका अभिनय और उनसे जुड़े ये किस्से आज भी फैंस के दिलों में जिंदा हैं।
(यह लेख Mayapuri और Jansatta के समाचार विवरणों पर आधारित है।)




