
चंडीगढ़: हरियाणा में फसलों की खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में ’24 फसलों को MSP पर खरीदने’ का दावा जमीनी हकीकत से कोसों दूर है और यह किसानों के साथ एक क्रूर मजाक बनकर रह गया है।
मंडियों में कौड़ियों के भाव बिक रही फसल
सुरजेवाला ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए मंडियों के जमीनी हालात बयां किए। उन्होंने कहा कि इस सीजन में मूंग की फसल का सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹8,682 प्रति क्विंटल तय किया गया है। लेकिन सरकारी खरीद की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण किसानों को मजबूरी में अपनी फसल निजी हाथों (व्यापारियों) को महज ₹6,000 प्रति क्विंटल के आसपास बेचनी पड़ रही है।
प्रति क्विंटल ₹2600 का सीधा नुकसान
कांग्रेस नेता ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा के लचर सिस्टम के कारण मूंग उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल ₹2,600 से अधिक का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने ट्वीट किया:
सुरजेवाला ने सरकार के दावों को आड़े हाथों लिया
“हरियाणा में मूंग की फसल भी ‘MSP के धोखे’ और ‘भाजपाई लूट’ में ही पिट रही है! प्रदेश की अनाज मंडियों में मूंग की फसल की आवक अभी शुरू ही हुई है, मगर ‘भाजपाई धोखा’ पहले ही शाखा जमाए बैठा है।”
सरकारी दावों पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने सरकार के उन दावों को आड़े हाथों लिया, जिसमें कहा जाता है कि हरियाणा देश का इकलौता ऐसा राज्य है जो 24 फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीद रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह दावा सच है, तो दलहन की मुख्य फसल मूंग की सरकारी खरीद अब तक शुरू क्यों नहीं की गई?
उन्होंने आरोप लगाया कि “किसान विरोधी भाजपा” जानबूझकर ऐसी नीतियां बना रही है जिससे हरियाणा के किसानों की खुशहाली को छीना जा सके और खेती-किसानी को जानबूझकर घाटे का सौदा व कर्ज का फंदा बनाया जा सके।

विपक्ष का अल्टीमेटम
विपक्ष ने मांग की है कि सरकार अपनी कागजी घोषणाओं से बाहर निकलकर तुरंत मंडियों में मूंग की सरकारी खरीद शुरू करे, ताकि किसानों को बिचौलियों और निजी व्यापारियों की लूट से बचाया जा सके। यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं की गई, तो कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक किसानों की आवाज बुलंद करेगी।




