नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का कहर: मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हुई, 1300 से अधिक लोग लापता
चीन सीमा के पास हिमस्खलन से बिगड़े हालात; 288 भारतीय पर्यटकों सहित 30 से अधिक देशों के नागरिक लापता, राहत अभियान जारी

काठमांडू / नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 270 तक पहुंच गई है, जबकि 288 भारतीय पर्यटकों सहित 1300 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
हिमस्खलन के कारण आई तबाही
यह आपदा चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे क्षेत्र में ल्हेंडे नदी (भोटेकोशी की सहायक नदी) के प्रवाह में हिमस्खलन के कारण आई रुकावट से शुरू हुई। नदी का मार्ग अवरुद्ध होने के बाद अचानक आए पानी के तेज बहाव ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई।
विभिन्न जिलों से मिले शव
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता आबी नारायण काफ्ले के अनुसार, अब तक बरामद किए गए शवों का विवरण इस प्रकार है:
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चितवन: 108
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नवलपरासी पूर्व: 62
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धादिंग: 27
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गोरखा: 20
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रसुवा: 17
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नवलपरासी पश्चिम: 15
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नुवाकोट: 12
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तनहुँ: 09
विदेशी नागरिकों और पर्यटकों पर असर
नेपाल और तिब्बत प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक, लापता लोगों में 30 से अधिक देशों के नागरिक शामिल हैं। इनमें भारत, अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के पर्यटक मुख्य रूप से शामिल हैं।
बचाव अभियान तेज
प्रशासन ने अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 800 से अधिक फंसे और घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सेना, पुलिस और स्थानीय आपदा राहत टीमें लापता लोगों की तलाश में दिन-रात अभियान चला रही हैं।




