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अमरनाथ यात्रा का नया पड़ाव: चिनाब का अद्भुत रेल ब्रिज जीत रहा श्रद्धालुओं का दिल

आस्था और आधुनिकता: तीर्थयात्रियों के लिए बना गर्व का प्रतीक

13 जुलाई, रियासी, जम्मू-कश्मीर: हिमालय की गोद में बसे जम्मू-कश्मीर में इंजीनियरिंग का एक ऐसा करिश्मा आकार ले चुका है, जो न केवल दुनिया को हैरान कर रहा है, बल्कि अब अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। रियासी जिले में स्थित ‘चिनाब रेल ब्रिज’ (Chenab Bridge) इन दिनों यात्रियों की पहली पसंद बना हुआ है।

इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम

चिनाब नदी की तलहटी से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना यह आर्च ब्रिज विश्व का सबसे ऊंचा रेल पुल है। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह फ्रांस के प्रसिद्ध एफिल टॉवर से भी ऊंचाई में अधिक है। 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली हवाओं और तीव्र भूकंपीय झटकों को सहने में सक्षम यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग की नई पहचान है।

तीर्थयात्रियों की बढ़ी जिज्ञासा

अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब अपनी यात्रा के दौरान इस पुल को देखने का समय भी निकाल रहे हैं। तमिलनाडु से आए तीर्थयात्री सुंदर राजन बताते हैं कि, “हमने अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी और श्रीनगर की यात्रा पूरी की है। अब हम विशेष रूप से इस ब्रिज को देखने आए हैं, जो बहुत ही गर्व की बात है।”

वहीं बेंगलुरु से आईं सविता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि, “पहले हम खबरों में जो देखते थे, आज इसे अपनी आँखों के सामने देखना एक अद्भुत अनुभव है। यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था और सैनिकों की उपस्थिति ने हमें बहुत सुरक्षित महसूस कराया है।”

आस्था और सुरक्षा का मेल

चिनाब ब्रिज सिर्फ एक कनेक्टिविटी का जरिया नहीं, बल्कि ‘नया भारत’ की आधुनिकता और अटूट सुरक्षा का प्रतीक बन गया है। यहाँ की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए बनाई गई सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को यादगार बना रही हैं।

अगर आप भी भविष्य में जम्मू-कश्मीर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो चिनाब ब्रिज को अपनी ‘मस्ट विजिट’ लिस्ट में जरूर शामिल करें। यह पुल आस्था की राहों को आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक अनूठा उदाहरण है।


(स्रोत: ANI रिपोर्ट के आधार पर)

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