अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ झील बनी देश की 101वीं रामसर साइट, राज्य को मिला पहला अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि दर्जा
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने की घोषणा; कमलांग टाइगर रिजर्व में स्थित यह झील पूर्वी हिमालय की जैव विविधता का प्रमुख केंद्र है

नई दिल्ली / ईटानगर: पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित ग्लॉ झील (Glaw Lake) को अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (Wetland of International Importance) के रूप में मान्यता देते हुए रामसर स्थल (Ramsar Site) घोषित किया गया है। इसके साथ ही ग्लॉ झील अरुणाचल प्रदेश की पहली और भारत की 101वीं रामसर साइट बन गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा की।

पूर्वी हिमालय का जैव विविधता हॉटस्पॉट
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्वी हिमालय के शांत और प्राचीन वातावरण में स्थित ग्लॉ झील मीठे पानी (Freshwater) की एक बेहद खूबसूरत झील है। यह झील कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य (Kamlang Tiger Reserve & Wildlife Sanctuary) के भीतर स्थित है।
यह पूरा क्षेत्र जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र है। झील और इसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्र (Catchment area) में:
-
150 से अधिक वृक्षों की प्रजातियां दर्ज की गई हैं।
-
49 प्रकार की ऑर्किड (Orchid) प्रजातियां पाई जाती हैं।
-
दुर्लभ वनस्पतियों और वन्यजीवों के लिए यह झील एक प्राकृतिक आवास प्रदान करती है।

“यह विकास जैव विविधता संरक्षण, जल और जलवायु सुरक्षा तथा स्थानीय समुदायों की सतत आजीविका के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।”
— भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री
2014 से अब तक: रामसर स्थलों की संख्या 26 से बढ़कर 101 हुई
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह भी रेखांकित किया कि भारत वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमि (Wetland) संरक्षण में एक अग्रणी देश के रूप में उभरा है।
-
वर्ष 2014 में: भारत में कुल 26 रामसर स्थल थे।
-
वर्तमान में: यह आंकड़ा बढ़कर 101 हो चुका है।
यह निरंतर वृद्धि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा और प्रकृति पर निर्भर रहने वाली जनजातीय व स्थानीय आबादी के भविष्य को सुरक्षित करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| झील का नाम | ग्लॉ झील (Glaw Lake) |
| राज्य / जिला | लोहित जिला, अरुणाचल प्रदेश |
| संरक्षित क्षेत्र | कमलांग टाइगर रिजर्व व वन्यजीव अभयारण्य |
| रामसर क्रम | अरुणाचल का 1st / भारत का 101वां |
| मुख्य विशेषताएं | मीठे पानी की झील, 150+ पेड़ प्रजातियां, 49 ऑर्किड प्रजातियां |
रामसर स्थल क्या होते हैं?
रामसर संधि (Ramsar Convention) 1971 में यूनेस्को द्वारा स्थापित एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जिसका उद्देश्य विश्वभर में आर्द्रभूमियों (Wetlands) का संरक्षण करना और उनके सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। किसी जलक्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने से उसके संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान और विशेष प्रयास सुनिश्चित होते हैं।





