ट्रंप ने व्हाइट हाउस से CNN, MS NOW और Politico पर लगाया बैन; ‘फेक न्यूज’ फैलाने का लगाया आरोप
'ट्रुथ सोशल' पर ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा—निगेटिव और फर्जी रिपोर्टिंग बर्दाश्त नहीं; अन्य मीडिया संस्थानों पर भी गिर सकती है गाज
19 सितंबर 2026, वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया संस्थानों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—CNN, MS NOW और Politico—को व्हाइट हाउस में प्रवेश करने से प्रतिबंधित (बैन) कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन मीडिया संस्थानों पर उनके प्रशासन के खिलाफ लगातार “फेक न्यूज” (झूठी खबरें) और मनगढ़ंत कहानियां प्रसारित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर इस फैसले का ऐलान करते हुए लिखा:
“मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि तत्काल प्रभाव से मैं ‘फेक न्यूज’ CNN, MSNOW… और Politico को व्हाइट हाउस से बैन कर रहा हूं, क्योंकि ये लगातार ‘फेक न्यूज’ रिपोर्ट कर रहे हैं! जब मीडिया संस्थान संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति या उनके प्रशासन को कवर करते हैं, तो उन्हें लगातार झूठ और काल्पनिक बातें रिपोर्ट करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि इस सूची में आने वाले दिनों में कुछ अन्य मीडिया संस्थानों को भी शामिल किया जा सकता है। देखें ट्वीट:
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) September 18, 2026
ओवल ऑफिस से मीडिया पर तीखा हमला
फैसले के बाद ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कदम का बचाव किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फैसला किसी एक विशेष खबर के कारण लिया गया है, तो ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक रिपोर्ट की वजह से नहीं, बल्कि पिछले कुछ सालों में लगातार की गई नकारात्मक और गलत रिपोर्टिंग का नतीजा है।
उन्होंने कहा, “लोग फर्जी खबरें पढ़ते और देखते-देखते थक चुके हैं। देश को स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार प्रेस की जरूरत है। यदि ये संस्थान खुद को सुधार लें, तो मुझे खुशी होगी, लेकिन तब तक मैं इन्हें अपने कार्यालय में नहीं देखना चाहता।”
मीडिया संस्थानों और प्रेस संगठनों की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस से बैन किए जाने के बाद मीडिया संस्थानों ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की कड़ी निंदा की है:
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CNN ने अपने बयान में कहा कि वह अपनी व्हाइट हाउस टीम और उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के साथ मजबूती से खड़ा है। नेटवर्क ने कहा कि अमेरिका के संविधान के तहत पत्रकारों को बिना किसी सरकारी हस्तक्षेप के रिपोर्टिंग करने का अधिकार है और यह बैन संविधान का उल्लंघन है।
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Politico ने भी अपने बयान में कहा कि वे पहले की तरह राष्ट्रपति और उनके प्रशासन पर निष्पक्ष रिपोर्टिंग जारी रखेंगे और अपने संवैधानिक अधिकारों (First Amendment) की रक्षा करेंगे।
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व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (WHCA) और स्वतंत्रता समर्थकों ने भी इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताते हुए अदालत में चुनौती देने के संकेत दिए हैं।
मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच बढ़ता तनाव
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने मीडिया तक पहुंच को सीमित किया है। इससे पहले भी ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (AP) और अन्य पत्रकारों को कुछ खास कार्यक्रमों से अलग रखा गया था। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला जल्द ही अमेरिकी अदालतों में कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है।




