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पूर्वोत्तर के जंगलों में ‘क्लाउडेड लेपर्ड’ को बचाने की बड़ी तैयारी, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया स्पेशल ‘एक्शन प्लान’

GEF और UNDP के साथ मिलकर 14 प्रमुख क्षेत्रों में सुधारे जाएंगे प्राकृतिक आवास, वैज्ञानिक तकनीकों से होगी 24/7 निगरानी

नई दिल्ली / कोयंबटूर, 4 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर भारत में पाए जाने वाले दुर्लभ और शर्मीले वन्यजीव क्लाउडेड लेपर्ड (Clouded Leopard) के संरक्षण के लिए एक समर्पित ‘क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्य योजना’ (Conservation Action Plan – CAP) लागू की है। इस योजना के तहत पूर्वोत्तर के 14 प्राथमिकता वाले प्राकृतिक परिदृश्यों (Priority Landscapes) की पहचान की गई है, जहाँ इनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को मजबूत किया जाएगा।

यह कार्य योजना भारत सरकार, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक संयुक्त पहल के तहत तैयार की गई है। इसे राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (SCNBWL) की 91वीं बैठक के दौरान कोयंबटूर में जारी किया गया।

कार्य योजना की प्रमुख विशेषताएँ और रणनीतियाँ:

  • आवास बहाली और कॉरिडोर संरक्षण: चिन्हित 14 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जंगलों के विखंडन को रोकने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए परिदृश्य-स्तरीय आवास बहाली एवं गलियारा (Corridor) संरक्षण पर काम किया जाएगा।

  • संस्थागत ढाँचा: क्लाउडेड लेपर्ड को ‘वन्यजीव आवासों के एकीकृत विकास’ (IDWH) योजना के तहत ‘प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम’ (Species Recovery Programme) में शामिल किया गया है, जो इसके दीर्घकालिक संरक्षण को वित्तीय व संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।

  • आधुनिक वैज्ञानिक निगरानी: आबादी और आवास के उपयोग का सटीक डेटा जुटाने के लिए कैमरा ट्रैपिंग, ऑक्यूपेंसी सर्वे, आनुवंशिक (Genetic) विश्लेषण और एनवायरनमेंटल डीएनए (eDNA) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

  • अवैध शिकार पर प्रभावी रोक: वन्यजीव अपराध की रोकथाम के लिए ‘M-STrIPES’ स्मार्ट एप्लिकेशन का उपयोग कर फ्रंटलाइन वन कर्मचारियों की क्षमता का विकास किया जाएगा और अवैध शिकार विरोधी गश्त को सख्त बनाया जाएगा।

  • सामुदायिक भागीदारी व अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके अलावा, सीमा पार फैले प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए पड़ोसी देशों के साथ तालमेल बढ़ाकर काम किया जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत के घने जंगलों में पाया जाने वाला क्लाउडेड लेपर्ड देश की सबसे कम अध्ययन की गई जंगली बिल्ली प्रजातियों में से एक है। केंद्र सरकार के अनुसार, यह योजना जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करने के साथ-साथ इस संकटग्रस्त प्रजाति के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करेगी।

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