नेपाल में प्रलयंकारी फ्लैश फ्लड: बिहार में मंडराया बाढ़ का खतरा, 8 जिलों में NDRF-SDRF तैनात
तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में आए उफान से कई गांव और पुल बहे; गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए, अलर्ट पर प्रशासन।

26 अगस्त, काठमांडू / पटना: नेपाल के उत्तरी जिले रसुवा में तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में आए अचानक सैलाब (Flash Flood) ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्रलयकारी आपदा में कई गांव, बाजार, सड़कें और पुल बह गए हैं। नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ का सीधा असर अब भारत के बिहार राज्य पर पड़ रहा है, जिसे देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के 8 संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
#Bihar has stepped up flood preparedness following flash floods in Nepal and the possibility of a sudden rise in the water level of the Gandak River.
Six districts of the state — West Champaran, East Champaran, Gopalganj, Saran, Muzaffarpur and Vaishali — have been placed under… pic.twitter.com/vqSc9Gybl8
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 26, 2026
ग्लेशियर झील फटने और भूकंप की आशंका
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में पिछले 24 घंटों के दौरान कोई भारी बारिश दर्ज नहीं की गई थी। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यह आपदा तिब्बत क्षेत्र में किसी ग्लेशियर झील के फटने (GLOF) या हिमस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित होने से आई है। बाढ़ के कारण नेपाल-चीन मैत्री पुल सहित कई जलविद्युत परियोजनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
बिहार के 8 जिलों में विशेष सतर्कता
नेपाल की नदियों से पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आने के कारण बिहार की गंडक और कोसी नदियों के जलस्तर में 3 मीटर से भी ऊंची लहरें उठने और अचानक पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है।
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हाई अलर्ट जिले: पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर।
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गंडक बैराज के सभी गेट खोले गए: बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं और नहरों में पानी का प्रवाह रोक दिया गया है।
प्रशासनिक तैयारियां और राहत कार्य
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को चौबीसों घंटे तटबंधों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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निचले इलाकों और कमजोर तटबंधों के पास रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
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बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात और स्टैंडबाय पर रखा गया है।
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राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) और आपातकालीन नावों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति का जायजा लिया है और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और नदी तटों के पास न जाने की अपील की है।




