सुस्त मानसून में आई जान: 19% कमी के बाद अब अच्छी बारिश की उम्मीद
IMD का अलर्ट: अगले 2-3 दिनों में पूरे देश में सक्रिय होगा मानसून, किसानों को मिलेगी राहत

8 जुलाई, नई दिल्ली: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले कुछ हफ़्तों की सुस्ती के बाद, अब मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश में कुल बारिश की कमी में सुधार हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में बारिश की कमी घटकर 19 प्रतिशत रह गई है।
मानसून का विस्तार और प्रगति
IMD के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 7 जुलाई 2026 तक देश में सामान्य बारिश (222 मिमी) के मुकाबले 179.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मानसून अब तेजी से आगे बढ़ते हुए गुजरात के शेष हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और भागों तक पहुँच चुका है। विभाग ने अगले 2-3 दिनों में मानसून के पूरे देश को कवर करने की संभावना जताई है।
इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की चेतावनी दी है। कई राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किए गए हैं:
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भारी बारिश की चेतावनी: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
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उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी आगामी दिनों में मानसून के व्यापक विस्तार के साथ अच्छी बारिश की उम्मीद है।
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अन्य क्षेत्र: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिसा के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है, जिससे इन राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्र
हालाँकि देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है, लेकिन दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। राजधानी अभी भी बारिश की कमी से जूझ रही है, हालाँकि अगले कुछ दिनों में यहाँ भी मौसम में बदलाव और बारिश होने का पूर्वानुमान है।
किसानों के लिए राहत
मानसून की इस सक्रियता ने कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। जिन राज्यों में मानसून में देरी हुई थी, वहां अब बारिश से फसलों की बुवाई और सिंचाई में मदद मिलेगी।
सावधानी: मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात में बाधा और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। मछुआरों को भी अगले कुछ दिनों तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के प्रभावित हिस्सों में न जाने के निर्देश दिए गए हैं।




