
बेंगलुरु | 5 सितंबर 2026: शिक्षक दिवस के खास अवसर पर कर्नाटक सरकार ने राज्य के शिक्षकों के योगदान को सराहते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की है। सरकार के इस फैसले के अनुसार, अब कर्नाटक के शिक्षक अपने नाम के आगे डॉक्टर (Dr.) या इंजीनियर (Er.) की तर्ज पर सम्मानित उपसर्ग “Tr.” (टीचर) का उपयोग कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CM of Karnataka) द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी में कहा गया कि देश के निर्माण में हर व्यक्ति को तराशने का काम एक शिक्षक ही करता है।
“Tr.” केवल दो अक्षर नहीं, जीवनभर की सेवा का प्रतीक
सरकार द्वारा जारी संदेश में कहा गया:
“डॉक्टर, इंजीनियर, किसान, अधिकारी, उद्यमी या नेता—हर किसी के पीछे एक शिक्षक होता है, जिसने सबसे पहले उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें राह दिखाई। कर्नाटक के लगभग 4.5 लाख शिक्षकों सहित देश के 1 करोड़ से अधिक शिक्षक हर दिन हमारे बच्चों के दिमाग, चरित्र और भविष्य को आकार दे रहे हैं।”
इस सम्मान की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया गया कि यह केवल दो अक्षरों का शीर्षक नहीं है, बल्कि यह समाज द्वारा शिक्षकों के समर्पण और जीवनभर की निष्ठा को दी गई आधिकारिक मान्यता है।
A teacher builds every person who goes on to build the nation.
India’s more than one crore teachers, including nearly 4.5 lakh teachers in Karnataka, are shaping the minds, character and future of our children every single day.
Every doctor who heals, engineer who builds,… pic.twitter.com/ngXar4Hmq7
— CM of Karnataka (@CMofKarnataka) September 5, 2026
समाज और भविष्य का सम्मान
बयान में आगे कहा गया कि जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह वास्तव में अपने भविष्य का सम्मान करता है। राज्य सरकार ने कर्नाटक के सभी शिक्षकों का मार्गदर्शन करने, सपनों को सही दिशा देने और बच्चों पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया।
शिक्षक दिवस से लागू हुआ यह नया नियम राज्य के सभी शिक्षकों को पेशवर पहचान और समाज में एक विशिष्ट सम्मान प्रदान करेगा।




