कुनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी: भारत में जन्मी चीता KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म
प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे होने पर बड़ी सफलता; भारत में जन्मी मादा चीता ने दूसरी बार शावकों को जन्म देकर रचा इतिहास

श्योपुर (मध्य प्रदेश), 1 अक्टूबर 2026: वन्यजीव प्रेमियों और प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश स्थित कुनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी मादा चीता ‘KGP12’ ने चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस खुशखबरी को साझा करते हुए इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल बताया।

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, KGP12 ने 18 सितंबर 2026 को कुनो नेशनल पार्क के एक सुरक्षित बाड़े में इन शावकों को जन्म दिया। यह घोषणा प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद की गई है।
KGP12 की खास उपलब्धि
KGP12 दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ की बेटी है। भारत में ही जन्मी KGP12 का यह दूसरा लिट्टी (दूसरा जन्म चक्र) है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी उसने चार शावकों को जन्म दिया था। इसके साथ ही KGP12 भारत में जन्मी पहली ऐसी मादा चीता बन गई है, जिसने दो बार शावकों को सफलतापूर्वक जन्म दिया है।

भारत में चीतों की संख्या पहुंची 56
इन चार नए शावकों के आगमन के साथ ही भारत में जीवित चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इनमें से 53 चीते कुनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मौजूद हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि कुल 56 चीतों में से 36 का जन्म भारत की धरती पर ही हुआ है, जो इस पुनर्वास परियोजना की बड़ी सफलता को दर्शाता है।

प्रोजेक्ट चीता की यात्रा
भारत में चीतों की पुनः वापसी की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी, जब नामीबिया से 8 चीते लाकर कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए थे। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते और वर्ष 2026 में बोत्सवाना से 9 चीते लाए गए।
फिलहाल सुरक्षा कारणों और वन्यजीव प्रबंधन दिशानिर्देशों के तहत पर्यटकों को इन नए शावकों को देखने की अनुमति नहीं होगी। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से आधिकारिक अपडेट का पालन करने का अनुरोध किया है।




