Haryana

हरियाणा में जनगणना 2027 की तैयारियाँ तेज: शत-प्रतिशत जनसंख्या कवरेज और डिजिटल सर्वे का बड़ा लक्ष्य

राज्य के 23 जिलों और 70,000 प्रगणना ब्लॉकों में होगी गणना, 10 जनवरी से शुरू होगा ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर: हरियाणा सरकार ने जनगणना 2027 के तहत राज्य में 100 प्रतिशत जनसंख्या कवरेज सुनिश्चित करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति या परिवार जनगणना से छूट न पाए। प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के लिए गहन फील्ड निगरानी, स्पष्ट प्रशासनिक जवाबदेही और समयबद्ध तैयारियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

70,000 प्रगणना ब्लॉकों में होगी गणना

जनगणना के प्रथम चरण में राज्य के 51,907 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को सफलतापूर्वक कवर किया जा चुका है। अब सरकार दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों में जुट गई है। इस चरण के तहत हरियाणा के 23 जिलों, 6,522 गांवों और 88 कस्बों को शामिल करते हुए लगभग 70,000 प्रगणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 203 जनगणना चार्ज और 34 प्रधान जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में रिजर्व कर्मियों समेत लगभग 87,450 प्रगणक और पर्यवेक्षक (लगभग 74,800 प्रगणक और 12,650 पर्यवेक्षक) अपनी सेवाएं देंगे।

डिजिटल तकनीक और स्व-गणना का प्रावधान

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना 2027) डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा निवास में आयोजित प्रधान जनगणना अधिकारियों के सम्मेलन में स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्र निर्माण और सुशासन की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता सटीक आंकड़ों और जिला स्तर पर प्रभावी नेतृत्व पर निर्भर करती है।

इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रगणक स्मार्टफोन पर एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े दर्ज करेंगे, जबकि ‘सेंसर मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ (CMMS) के जरिए प्रशासनिक प्रगति और फील्ड संचालन पर केंद्रीय स्तर पर नजर रखी जाएगी। नागरिकों की सुविधा के लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल’ के जरिए ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, हालांकि इन परिवारों का भी बाद में प्रगणकों द्वारा घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां और चरण:

  • ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration): 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक।

  • घर-घर जनसंख्या गणना: 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक।

  • पुनरीक्षण दौर (Revision Round): 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक (छूटे हुए व्यक्तियों की पहचान और सुधार के लिए)।

  • संदर्भ तिथि एवं समय: 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे।

कर्मियों का मानदेय और कल्याण

प्रशासन ने फील्ड कर्मियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया है। जनगणना के दोनों चरणों के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कुल 25,000 रुपये का मानदेय (हाउस लिस्टिंग के लिए 9,000 रुपये और जनसंख्या गणना के लिए 16,000 रुपये) दिया जाएगा, जिसका भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, दुर्गम क्षेत्रों, बहुमंजिला इमारतों, शहरी झुग्गी-बस्तियों और प्रवासी आबादी वाले इलाकों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। सरकार ने नागरिकों को जागरूक करने और अफवाहों से बचाने के लिए गीता जयंती और सूरजकुंड मेले जैसे बड़े आयोजनों के साथ-साथ डिजिटल व पारंपरिक माध्यमों से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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