चंडीगढ़, 06 अक्टूबर 2026: धान की कटाई के सीजन के साथ ही उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का खतरा फिर मंडराने लगा है। पराली (धान के अवशेष) जलाने की घटनाओं को रोकने और हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने कमर कस ली है। प्रशासन ने इस बार पंजाब और हरियाणा के संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी की योजना बनाई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंजाब और हरियाणा के कुल 34 जिलों में विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं। ये टीमें सीधे खेतों में जाकर स्थिति का रोजाना जायजा लेंगी और रिपोर्ट सौंपेंगी।
प्रमुख बिंदु:
-
34 जिलों में तैनाती: पंजाब और हरियाणा के उन जिलों को चिन्हित किया गया है, जहां हर साल पराली जलाने के मामले सबसे ज्यादा दर्ज किए जाते हैं।
-
दैनिक रिपोर्टिंग: फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें रोजाना खेतों की मॉनिटरिंग करेंगी और पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त एक्शन लेने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट करेंगी।
-
हवा की गुणवत्ता पर नजर: धान कटाई के दौरान दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में धुंध (स्मॉग) और AirPollution को बढ़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे पराली को जलाने के बजाय मशीनरी और वैज्ञानिक तरीकों से उसका प्रबंधन करें, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे।




