निर्वाचन आयोग की स्पष्ट घोषणा: SIR के दौरान छूटे हुए मतदाता फॉर्म-6 भरकर शामिल कर सकते हैं नाम
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए ECI ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची से नाम गायब होने पर फॉर्म-6 भरने वाले मतदाताओं पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत कोई कार्रवाई नहीं होगी

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम गायब होने वाले पहले से पंजीकृत मतदाताओं के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने साफ किया है कि ऐसे मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा करना होगा, और ऐसा करना कोई झूठी घोषणा (false declaration) नहीं माना जाएगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का दिया हवाला
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने नीलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग व अन्य मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के 14 अक्टूबर 2026 के आदेश का हवाला दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि:
-
SIR के दौरान या उसके बाद फॉर्म-6 जमा करने वाले किसी भी मतदाता के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
-
यह छूट तभी लागू होगी जब आवेदक किसी अन्य संसदीय या विधानसभा क्षेत्र में पहले से पंजीकृत न हो और उसका घोषणा-पत्र कानून के अनुरूप हो।

मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए निर्देश
भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिए हैं कि वे इस स्पष्टीकरण को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक यह जानकारी पहुंच सके।





