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राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में उठाया कदम

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के नेता पर असंसदीय भाषा और सदन की अवमानना का गंभीर आरोप

39 जुलाई, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव (Privilege Motion) पेश किया। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मानसून सत्र के दौरान सदन में असंसदीय और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जो लोकसभा की कार्य संचालन नियमावली और प्रक्रियाओं का स्पष्ट उल्लंघन है।

नियमों के तहत की गई कार्रवाई

ठाकुर ने लोकसभा नियमों के नियम 222 और 223 के तहत यह नोटिस सौंपा है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस मामले को स्वीकार कर विस्तृत जांच के लिए नियम 227 के तहत विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) के पास भेजा जाए।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि:

“श्री राहुल गांधी ने लोकसभा सदस्य के विशेषाधिकार का हनन किया है, सदन की अवमानना की है और माननीय अध्यक्ष के अधिकार के प्रति घोर अनादर प्रदर्शित किया है।”

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें एंटी-पेपर लीक बिल (Anti-Paper Leak Bill) पर चर्चा के दौरान सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में उन्होंने संसद परिसर के बाहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इसी दावे को दोहराया था।

अनुराग ठाकुर द्वारा दिए गए नोटिस के अनुसार, राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कड़ा ऐतराज जताया था। इसके बावजूद, पीठ (Chair) की ओर से मिली चेतावनियों और निर्देशों को दरकिनार करते हुए राहुल गांधी उन शब्दों का उपयोग करते रहे।

माफी और बयान हटाने की मांग

नोटिस में कहा गया है कि सदन के पटल पर नागरिकों के एक वर्ग को निशाना बनाकर ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करना संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। यह लोकसभा के नियम 352 का उल्लंघन है, जो किसी भी सदस्य को अपमानजनक, मानहानिकारक या किसी वर्ग को नीचा दिखाने वाली टिप्पणियां करने से रोकता है।

भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने मांग की है कि:

  • राहुल गांधी के इन विवादित बयानों को नियम 380 और 381 के तहत सदन की आधिकारिक कार्यवाही से हटाया जाए।

  • इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए।

  • राहुल गांधी को सदन और केंद्रीय गृह मंत्री से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जाए।

संसद के मानसून सत्र में नीट (NEET) पेपर लीक मामले, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और विपक्ष के हंगामे के बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रहा यह राजनीतिक टकराव अब और तेज हो गया है।

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