यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी: दिल्ली की अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला
राउज एवेन्यू कोर्ट ने छह महिला पहलवानों के आरोपों पर दो साल की सुनवाई के बाद पूर्व WFI अध्यक्ष और सचिव विनोद तोमर को दी क्लीन चिट

3 अगस्त, 2026, नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अश्विनी पनवार ने छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और उनके पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह फैसला मामले की सुनवाई शुरू होने के ठीक दो साल बाद आया है।
इससे पहले अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

क्या था पूरा मामला?
यह विवाद जनवरी 2023 में तब शुरू हुआ था जब देश के कई दिग्गज महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक लंबा विरोध प्रदर्शन किया था। पहलवानों का आरोप था कि बृजभूषण शरण सिंह ने कई वर्षों तक महिला एथलीटों का यौन उत्पीड़न किया। इस विरोध के बाद सिंह को महासंघ के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

शुरुआत में कार्रवाई न होने पर पहलवानों ने दोबारा प्रदर्शन शुरू किया, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के हस्तक्षेप पर 28 अप्रैल, 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। हालांकि, दो साल चले लंबे ट्रायल के बाद अब अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को इन आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।




