मगरमच्छ की मौत पर नहीं जला था चूल्हा, अब NCERT की किताबों में बच्चे पढ़ेंगे ‘गंगाराम’ की अनोखी कहानी
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में इंसान और वन्यजीव के बीच 130 साल पुराने अटूट रिश्ते की दुर्लभ मिसाल, अब देश भर के पाठ्यक्रम का बनेगी हिस्सा

23 जुलाई, बेमेतरा, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से इंसान और वन्यजीव के बीच के एक बेहद भावुक और अनोखे जुड़ाव की कहानी सामने आ रही है। बावा मोहतरा गांव के एक तालाब में करीब 130 वर्षों तक रहने वाले एक शांत स्वभाव के मगरमच्छ, जिसका नाम ‘गंगाराम’ था, की यादें अब देश भर के बच्चों के दिलों में उतरने जा रही हैं। इंसान और एक मांसाहारी जीव के बीच के इस दुर्लभ और अनकहे भरोसे को सम्मान देते हुए NCERT ने इसे अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है।

130 साल का अटूट रिश्ता और एक अनकहा भरोसा
ग्रामीणों के अनुसार, गंगाराम एक सदी से भी ज्यादा समय तक गांव के तालाब में रहा। इस लंबे सफर के दौरान गांव की कई पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन गंगाराम का स्वभाव कभी नहीं बदला। मगरमच्छ का नाम सुनते ही जहां लोग सहम जाते हैं, वहीं गंगाराम ने अपने पूरे जीवनकाल में कभी किसी इंसान या मवेशी पर हमला नहीं किया।
गांव की महिलाएं बेखौफ होकर उसी तालाब से पानी भरती थीं, बच्चे किनारे खेलते थे और किसान अपने मवेशियों को पानी पिलाते थे। वह सिर्फ तालाब का जीव नहीं, बल्कि गांव की पहचान और परिवार के एक सदस्य जैसा बन चुका था। धीरे-धीरे इस अनोखे रिश्ते को देखने के लिए वन्यजीव विशेषज्ञ और पर्यटक भी गांव पहुंचने लगे थे।

मौत पर पूरे गांव में पसरा था मातम
साल 2019 में जब गंगाराम की मृत्यु हुई, तो पूरे बावा मोहतरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। ग्रामीणों ने किसी सगे संबंधी की तरह पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया था। गंगाराम की अंतिम विदाई की तस्वीरें उस समय देशभर में वायरल हुई थीं। उस दिन दुख और सम्मान में किसी भी ग्रामीण के घर में चूल्हा तक नहीं जला था।
अब देश भर के स्कूल पढ़ेंगे यह मिसाल
अब गंगाराम की यह अद्भुत कहानी गांव की यादों से निकलकर देशभर के स्कूलों तक पहुंच रही है। NCERT ने अपने पाठ्यक्रम में ‘My India! – A Bond Between Humans and Animals’ शीर्षक के तहत इस अनोखी मिसाल को जगह दी है। इसमें बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि कैसे बावा मोहतरा के लोगों ने एक मगरमच्छ के साथ ऐसा रिश्ता बनाया, जो आज की दुनिया में बेहद दुर्लभ और सह-अस्तित्व की एक खूबसूरत मिसाल है।




