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सोनम वांगचुक का सरकार को अल्टीमेटम: ‘अस्पताल में नजरबंद हूं, लेकिन मेरी मांगें स्पष्ट हैं’

NEET-UG और शिक्षा प्रणाली की विफलताओं पर आर-पार की लड़ाई; केंद्र सरकार से तत्काल संवाद की अपील

नई दिल्ली | 20 जुलाई, 2026: शिक्षा व्यवस्था में खामियों और हालिया ‘पेपर लीक’ मामलों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन को समाप्त करने के लिए तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं। वर्तमान में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक हस्तलिखित नोट के जरिए अपना रुख स्पष्ट किया है।

वांगचुक की तीन प्रमुख शर्तें

अपने संदेश में वांगचुक ने कहा है कि वह आज, 20 जुलाई को अपना अनशन निम्नलिखित शर्तों पर खत्म कर सकते हैं:

  • सरकारी जवाबदेही: केंद्र सरकार शिक्षा प्रणाली में हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों की नैतिक जिम्मेदारी ले।

  • संसदीय आश्वासन: यदि वह और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का नेतृत्व संसद के द्वार तक पहुँचते हैं, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता उन्हें यह लिखित या मौखिक भरोसा दिलाएं कि इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

  • अस्पताल में मुलाकात: यदि खराब स्वास्थ्य या अन्य कारणों से उनका संसद तक जाना संभव नहीं हो पाता है, तो राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता और सांसद खुद अस्पताल आकर उन्हें यह आश्वासन दें।

‘अवैध हिरासत’ का आरोप

वांगचुक ने अपने नोट में दावा किया है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में ‘अवैध हिरासत’ में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां उनकी आवाजाही, बोलने और संचार के साधनों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

‘संसद चलो मार्च’ और सुरक्षा व्यवस्था

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब CJP द्वारा आज ‘संसद चलो मार्च’ का आह्वान किया गया है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए संसद और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है, जिसके तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बता दें कि सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उनके समर्थकों और कई विपक्षी नेताओं ने उनकी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से संवाद की अपील की है।

अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी है कि वांगचुक के स्वास्थ्य पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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