
5 अक्टूबर 2026, शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पद के लिए भर्ती या चयन प्रक्रिया 15 मई 2003 (राज्य में पुरानी पेंशन बंद होने की तिथि) से पहले शुरू हो चुकी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों या देरी की वजह से वास्तविक नियुक्ति इस तिथि के बाद हुई, तो भी संबंधित कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) का हकदार होगा।
न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने यह निर्णय सेवानिवृत्त ड्राइंग टीचर शकुंतला देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2003 में बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने 21 से 26 अप्रैल 2003 के बीच काउंसलिंग में भाग लिया था। हालांकि, विभाग द्वारा परिणाम घोषित करने में हुई देरी के कारण उन्हें सितंबर 2003 में नियुक्ति पत्र मिला। 31 दिसंबर 2016 को सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें नई पेंशन योजना (NPS) के तहत रखा गया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
31 अक्टूबर तक पुरानी पेंशन चुनने का अवसर
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा 9 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके तहत सरकार ने स्वीकार किया है कि जिन कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या शुरू हो गई थी, वे एक बार विकल्प चुनकर पुरानी पेंशन योजना के दायरे में आ सकते हैं।
हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता को पुरानी पेंशन योजना का चयन करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय प्रदान किया है।




