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क्या धरती के नीचे बदल रही है दुनिया? हिंद महासागर में वैज्ञानिकों को मिला चौंकाने वाला सबूत!

समुद्र के शांत दिखने वाले फर्श पर छिपी थी यह हलचल; नई महासागरीय परत के बनने का पहली बार हुआ खुलासा

10 जुलाई, नई दिल्ली: हाल ही में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर’ (Nature) में प्रकाशित एक अध्ययन ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। शोधकर्ताओं ने हिंद महासागर की गहराइयों में पहली बार पृथ्वी की नई समुद्री परत (Oceanic Crust) के निर्माण की प्रक्रिया को अपनी आँखों से देखा है। यह खोज हमें हमारे ग्रह के अंदर होने वाली उन हलचलों को समझने में मदद करती है जो अब तक रहस्य बनी हुई थीं।

क्या है पूरा मामला?

फ्रांस के ‘सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च’ (CNRS) के भू-भौतिक विज्ञानी जीन-यवेस रॉयर और उनकी टीम ने हिंद महासागर के दक्षिण-पूर्वी रिज (Southeast Indian Ridge) पर अपना ध्यान केंद्रित किया था। यह क्षेत्र ऑस्ट्रेलियाई और अंटार्कटिक टेक्टोनिक प्लेटों के बीच की सीमा बनाता है।

वैज्ञानिकों ने ‘ओएचए-जियोडम्स’ (OHA-GEODAMS) नामक एक वेधशाला स्थापित की थी, जिसमें समुद्र के अंदर ध्वनि तरंगों को पकड़ने वाले हाइड्रोफोन और दबाव संवेदक (pressure sensors) लगे थे। 26 अप्रैल, 2024 को इस टीम ने एक बड़ी घटना दर्ज की:

  • भूकंपीय हलचल: रिज के नीचे भूकंपों का एक सिलसिला शुरू हुआ।

  • समुद्र तल का फटना: रिज की घाटी में समुद्र का तल कई मीटर तक फट गया और दो प्लेटें एक-दूसरे से दूर खिसक गईं।

  • लावा का विस्फोट: लगभग 160 मिलियन घन मीटर पिघला हुआ लावा (magma) समुद्र के तल पर फैल गया, जिससे नई समुद्री परत का निर्माण हुआ।

यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?

भू-विज्ञान के इतिहास में यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने इतनी सटीकता से ‘सीफ्लोर स्प्रेडिंग’ (Seafloor Spreading) की प्रक्रिया को होते हुए देखा है।

  1. तेजी से बदलाव: शोध से पता चला कि यह प्रक्रिया धीमी गति से होने के बजाय कभी-कभी बहुत तेजी से (झटकों में) होती है। कुछ ही दिनों में हुई यह हलचल कई दशकों के प्लेट संचलन के बराबर थी।

  2. रहस्यों का खुलासा: दशकों से वैज्ञानिक यह नहीं समझ पा रहे थे कि समुद्र के नीचे की प्लेटें अलग होते समय इतनी कम भूकंपीय ऊर्जा क्यों पैदा करती हैं। इस अध्ययन ने बताया कि प्लेटें अक्सर बिना किसी बड़े झटके के चुपचाप खिसकती हैं, जिससे तनाव रिलीज होता है।

  3. समुद्र का गहरा ज्ञान: यह घटना बताती है कि पृथ्वी के अंदर का मैग्मा भंडार खाली होने पर समुद्र का तल नीचे की ओर धंस भी सकता है (लगभग 4.2 मीटर तक)।

भविष्य के लिए दिशा

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डेटा आने वाले समय में समुद्री तल की गतिशीलता को समझने के लिए एक ‘ग्राउंड ट्रुथ’ (Ground Truth) की तरह काम करेगा। यह खोज न केवल पृथ्वी के आंतरिक संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में समुद्र के नीचे बुनियादी ढांचा तैयार करने या गहरे समुद्र में होने वाली गतिविधियों को समझने में भी मददगार साबित होगी।

यह अद्भुत घटना याद दिलाती है कि हमारी पृथ्वी एक जीवित और निरंतर परिवर्तनशील ग्रह है, जो हमारे पैरों के नीचे (और समुद्र की गहराइयों में) लगातार खुद को नया कर रही है।


स्रोत: नेचर पत्रिका (Nature Journal, 8 जुलाई 2026)

स्रोत: https://baodongthap.vn/mang-vo-trai-dat-moi-hinh-thanh-ben-duoi-an-do-duong-a242973.html

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